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गंगोलीहाट में गुलदार के हमले में मासूम रियांशु की दर्दनाक मौत, मुआवजे के बीच परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश।
नीरज पंत
गंगोलीहाट(पिथौरागढ़)।तहसील मुख्यालय से आठ किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत भंडारीगांव में दिनदहाड़े गुलदार (बाघ) के हमले में 10 वर्षीय मासूम रियांशु की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। अपनी दादी के सामने आंगन में खेलते वक्त रियांशु पर गुलदार ने हमला किया था, जिसके बाद उसका शव घर से कुछ दूरी पर झाड़ियों में बरामद हुआ।
इस दुखद घटना से ठीक दो दिन पहले रियांशु अपने घर के पास बकरी के साथ था, जब उसके सामने ही गुलदार बकरी को उठाकर ले गया था। तब मासूम रियांशु ने डरते हुए परिजनों से कहा था कि बकरी ले जाते समय गुलदार उसे बहुत घूर रहा था, "अब कहीं मुझे तो नहीं ले जाता?" मासूम का यह डर आखिरकार सच साबित हुआ।
रोते-बिलखते पिता भगवान राम ने बताया कि रियांशु अक्सर उनसे कहता था कि वह उन्हें बहुत सारे पैसे दिलाएगा। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उनका बेटा अपनी बात पूरी कर गया, क्योंकि उसकी मौत के बाद क्षेत्रीय विधायक फ़क़ीर राम टम्टा व विभाग की ओर से एस डी ओ नेहा सौन, राजकुमार ने परिवार को ₹10 लाख के मुआवजे का चेक सौंपा गया है। विधायक फकीर राम टम्टा ने विभाग को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत भंडारीगांव में जो घर अकेले हैं उन सभी घरों में सौर ऊर्जा तुरंत लगाई जाए। साथ हो बाघ को तुरन्त पकड़ने के लिय भी आवश्यक और शोध कार्यवाही अमल में लाने को कहा गया।
इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। रियांशु के बारे में यह भी पता चला है कि वह पढ़ाई में भी अव्वल था।ग्राम प्रधान दान सिंह मेहता और ग्रामीणों का कहना है कि जब रियांशु के घर से बकरी उठाई गई थी, यदि तभी वन विभाग सतर्क हो जाता और ठोस कदम उठाता, तो इस मासूम की जान बचाई जा सकती थी। क्षेत्रवासियों ने आदमखोर गुलदार को तुरंत पकड़ने और गांव को इसके आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
फ़ोटो - रियांशु के पिता को चैक सौंपते विधायक फ़क़ीर राम टम्टा।