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जिंदगी की उम्मीद- धराली में 13 लोगों को किया गया रेस्क्यू, अब तक छह की मौत, 20 से ज्यादा लोग लापता
उत्तरकाशी, 06 अगस्त 2025।
उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में मंगलवार देर रात आए बादल फटने की घटना के बाद क्षेत्र में भारी तबाही मच गई। बुधवार को मौसम खुलने के बाद बचाव और राहत अभियान ने तेजी पकड़ी है। अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि, जबकि 11 जवानों सहित कुल 13 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है।
जिला प्रशासन के अनुसार, सेना के दो घायल जवानों को हेलिकॉप्टर के माध्यम से उच्च केंद्र (हायर सेंटर) भेजा गया है। अभी भी सेना के 10 जवानों सहित कुल 20 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है। स्थानीय लोगों और प्रशासन को आशंका है कि यह संख्या और बढ़ सकती है।
मलबे में फंसी जिंदगियों की तलाश
धराली गांव और हर्षिल स्थित सेना के कैंप में मलबा भर जाने के कारण आईटीबीपी, एसडीआरएफ और सेना की टीमें लगातार हेलिकॉप्टर और ग्राउंड ऑपरेशन के माध्यम से राहत कार्य में जुटी हैं। बुधवार को दो और शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या छह तक पहुंच गई है।
मार्ग अवरुद्ध, राहत कार्यों में बाधा
भूस्खलन और भारी मलबे के कारण क्षेत्र के अधिकांश रास्ते बंद हो चुके हैं। भटवाड़ी हेलीपैड से दो हेलिकॉप्टरों के माध्यम से राहत सामग्री, खाद्य आपूर्ति और बचाव उपकरण धराली क्षेत्र में भेजे गए हैं। वहीं, सेना के हेलिकॉप्टरों द्वारा भारी मशीनरी भी मौके पर भेजी जा रही है।
हालांकि, भटवाड़ी में राष्ट्रीय राजमार्ग पर चट्टानें गिरने से कई टीमें फंसी रहीं। मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण बचाव दलों को ग्राउंड तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है।
सेना ने संभाली कमान
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने जानकारी दी कि राहत अभियान में तेजी लाने हेतु सेना की विशेष टुकड़ियां मौके पर भेजी जा रही हैं।
दो चिनूक हेलिकॉप्टर और पांच एएन-32 विमान जौलीग्रांट पहुंच चुके हैं।
सेना के 40 जवानों को नेलांग से पैदल रवाना किया गया है।
50 सदस्यीय मेडिकल टीम टेकला पहुंच चुकी है।
आईटीबीपी के 130 अतिरिक्त जवान भी राहत कार्य में लगाए गए हैं।
एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की संयुक्त टीमों के 32 जवान ग्राउंड जीरो पर तैनात हैं।
राहत टीमों के पास सैटेलाइट फोन भी उपलब्ध हैं।
इस बीच एक MI-17 हेलिकॉप्टर खराब मौसम के कारण जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर लैंड नहीं कर सका, लेकिन मौसम साफ होते ही पुनः राहत मिशन में लगाए जाने की योजना है।
निष्कर्ष:
धराली में आए इस भीषण प्राकृतिक प्रकोप के बाद राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। सेना, प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रत्येक संभावित जीवन को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही हैं। लापता लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए क्षेत्रभर में दुआओं का दौर जारी है।
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