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मॉडल जिले में कोई भी दिव्यांग सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहेगा- डीएम मनीष कुमार।
चम्पावत। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में दिव्यांगजन कल्याण योजनाओं की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मॉडल जिले में एक भी पात्र दिव्यांग सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को केवल सहायता की नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा और हुनर के अनुरूप सम्मानजनक रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रकृति ने भले ही दिव्यांगजनों को कुछ शारीरिक चुनौतियां दी हों, लेकिन उन्हें विशेष प्रतिभा और क्षमता भी प्रदान की है। प्रशासन का दायित्व है कि उनकी पहचान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई पात्र दिव्यांग सरकारी सुविधाओं से वंचित रहता है तो यह विभागीय लापरवाही मानी जाएगी।
बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी आर.एस. सामंत ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले के 3,597 दिव्यांगजनों को विभिन्न योजनाओं के तहत करीब 5.88 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। इनमें दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना, तीलू रौतेली दिव्यांग पेंशन योजना, बौना पेंशन योजना तथा जन्म से दिव्यांग 18 वर्ष तक के 271 बच्चों को दी जाने वाली सहायता शामिल है।
जिलाधिकारी ने समाज कल्याण विभाग को सभी पात्र दिव्यांगजनों का शत-प्रतिशत चिन्हीकरण कर उन्हें समयबद्ध तरीके से योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी जरूरतमंद सरकारी सहायता से वंचित न रहे।
फोटो : दिव्यांगजन कल्याण योजनाओं की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते जिलाधिकारी मनीष कुमार।