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सर्पदंश पीड़ित की मौत से शोक, अस्पताल कर्मियों के व्यवहार पर ग्रामीणों में आक्रोश
गंगोलीहाट के गनाई क्षेत्र के जमतोला ग्राम पंचायत के मध्य ताल निवासी 50 वर्षीय कुंदन लाल पुत्र गुनसाई राम की सर्पदंश के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है, वहीं परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल में कथित तौर पर मिले व्यवहार पर नाराजगी जताई है।
परिजनों के अनुसार, 7 अगस्त की शाम करीब 7 बजे खेत से घर लौटते समय कुंदन लाल को सांप ने काट लिया। शुरुआत में परिजन घरेलू उपचार और झाड़-फूंक में लगे रहे। रात करीब 8:45 बजे ग्राम प्रधान चंदन सिंह मेहता को सूचना दी गई, जिसके बाद उन्हें निजी वाहन से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गनाई ले जाया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि भट्टीगांव–ताल सिमोली मार्ग की खराब हालत के कारण अस्पताल पहुंचने में भी समय लगा और मरीज करीब रात 10 बजे अस्पताल पहुंच सका। ग्राम प्रधान के मुताबिक, अस्पताल को मरीज के पहुंचने से पहले ही सूचना दे दी गई थी।
ग्राम प्रधान चंदन सिंह मेहता का आरोप है कि ड्यूटी बोर्ड के अनुसार उस समय चिकित्सक ड्यूटी पर थे, लेकिन मरीज को रिसीव करने के लिए कोई स्वास्थ्यकर्मी बाहर नहीं आया। परिजनों को स्वयं स्ट्रेचर लाना पड़ा और मरीज को वाहन से उतारकर बेड तक पहुंचाने में भी उन्हें ही मेहनत करनी पड़ी।
परिजनों ने अस्पताल कर्मियों के व्यवहार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, ग्राम प्रधान ने स्पष्ट किया कि वह कुंदन लाल की मौत के लिए अस्पताल को जिम्मेदार नहीं ठहरा रहे हैं, क्योंकि सर्पदंश के बाद अस्पताल पहुंचने में काफी देर हो चुकी थी। उनका कहना है कि उनकी आपत्ति मुख्य रूप से मरीज और परिजनों के साथ कथित व्यवहार को लेकर है।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि अस्पतालों में आपातकालीन स्थिति के दौरान मरीजों और उनके परिजनों के साथ संवेदनशील, मानवीय और जिम्मेदार व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।
वहीं, ग्राम प्रधान चंदन सिंह मेहता सहित ग्रामीणों ने दिवंगत कुंदन लाल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
नोट: अस्पताल कर्मियों पर लगाए गए आरोप ग्रामीणों/परिजनों के कथन पर आधारित हैं। अस्पताल प्रशासन या संबंधित चिकित्सक का पक्ष इस विवरण में उपलब्ध नहीं है।