🔊
डिलीवरी के बाद महिला की मौत, निजी अस्पताल प्रबंधन फरार, स्वास्थ्य विभाग ने खामियां मिलने पर वरदान अस्पताल को सील किया
काशीपुर। अलीगंज रोड स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान लापरवाही के आरोप में बड़ा मामला सामने आया है। डिलीवरी के बाद अधिक रक्तस्राव होने से महिला की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया। घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दस्तावेजों की जांच में खामियां मिलने पर अस्पताल को सील कर दिया गया। इस दौरान अस्पताल का समूचा स्टाफ मौके से फरार हो गया।
जानकारी के अनुसार, मृतका रेनू (32) पत्नी सरनजीत सिंह, निवासी ग्राम बढ़ेपुर मजरा पुरी, जनपद रामपुर (उत्तर प्रदेश) की प्रसव पीड़ा बढ़ने पर परिजन उसे बृहस्पतिवार सुबह एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय काशीपुर लेकर पहुंचे थे। वहां महिला डॉक्टर ने उन्हें अन्य अस्पताल में दिखाने की सलाह दी। इसी बीच परिसर में मिली एक आशा कार्यकर्ता ने परिजनों को अलीगंज रोड स्थित वरदान अस्पताल में भर्ती करने का सुझाव दिया।
परिजनों के अनुसार, रेनू को दोपहर करीब तीन बजे वरदान अस्पताल में भर्ती कराया गया। देर रात दर्द बढ़ने पर डॉक्टरों ने ऑपरेशन की बात कही और शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे ऑपरेशन के बाद रेनू ने बेटे को जन्म दिया। लेकिन ऑपरेशन के बाद अधिक रक्तस्राव होने से उसकी हालत बिगड़ने लगी। अस्पताल कर्मियों ने रेनू को हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन उसे मुरादाबाद रोड स्थित दो निजी अस्पतालों में ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद परिजन मृतका का शव लेकर दोबारा वरदान अस्पताल पहुंचे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इस दौरान अस्पताल स्टाफ मौके से भाग गया। सूचना पर पहुंचे नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमरजीत साहनी ने टीम के साथ अस्पताल की जांच की। कागजातों में गंभीर खामियां मिलने पर अस्पताल को तत्काल सील कर दिया गया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सीओ दीपक सिंह ने बताया कि अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है, तहरीर मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
“एलोपैथिक अस्पताल के नाम पर अस्थायी पंजीकरण
वरदान अस्पताल के दस्तावेजों में खामियां मिलने पर उसे सील कर दिया गया है। वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। अस्पताल का एक संचालक विजय नगर में और दो संचालक मुरादाबाद व बिजनौर में रहते हैं। एलोपैथिक अस्पताल के नाम पर अस्थायी पंजीकरण कराया गया था।
- डॉ. अमरजीत सिंह साहनी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
भर्ती मरीज को किया गया शिफ्ट
अस्पताल सील होने के दौरान वहां भर्ती महिला मरीज शबनम पत्नी वसीम निवासी गंगे बाबा को मुरादाबाद रोड स्थित दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया। शबनम का भी हाल ही में ऑपरेशन हुआ था और उसने बच्चे को जन्म दिया था।
महिला की मौत के बाद जांच में खामियां मिलने पर अस्पताल को सील कराया गया है। प्रबंधन को दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
- अभय प्रताप सिंह, एसडीएम काशीपुर