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तीन माह से वेतन नहीं, NHM कर्मचारी आर्थिक संकट में, CRM बैठक के फैसले दरकिनार, NHM कर्मचारियों में गुस्सा, आउटसोर्सिंग खत्म करने का वादा, लेकिन टेंडर फिर जारी
देहरादून
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संगठन, उत्तराखंड ने राज्य में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की लंबित समस्याओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग के प्रति नाराजगी जताई है। संगठन ने स्वास्थ्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तराखंड शासन को मांग पत्र भेजते हुए तत्काल निर्णयात्मक कार्रवाई की मांग की है।
संगठन ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि 08 नवंबर 2025 को स्वास्थ्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित 17वीं CRM बैठक में आउटसोर्सिंग एजेंसी प्रथा समाप्त करने एवं नई निविदा प्रक्रिया पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन इसके विपरीत विभाग द्वारा पुनः नई आउटसोर्सिंग एजेंसी के चयन हेतु टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे कर्मचारियों में भारी असंतोष व्याप्त है
ये प्रमुख मांगें रखीं गईं-
आउटसोर्सिंग एजेंसी प्रथा की समाप्ति एवं नई निविदा पर तत्काल रोक
तीन माह से लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान
राज्य में HR Policy को शीघ्र लागू कर कर्मचारियों का नियमितीकरण
संविदा विस्तार में एक दिन के कृत्रिम ब्रेक की प्रथा समाप्त करने की मांग
पूर्व एजेंसियों द्वारा कर्मचारियों के EPF/ESI की बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित करना
संगठन का कहना है कि हजारों NHM कर्मचारी पिछले कई महीनों से वेतन न मिलने के कारण आर्थिक व मानसिक संकट से जूझ रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो संगठन को आंदोलनात्मक कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ेगा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संगठन ने सरकार से मांग की है कि CRM बैठक में लिए गए निर्णयों का सम्मान करते हुए कर्मचारियों के हित में तत्काल कार्रवाई की जाए।
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