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भारी बारिश के बीच प्रशासन की मुस्तैदी से जिले की सड़कों पर यातायात रहा सुचारु।
डीएम मनीष कुमार के निर्देश पर अधिकारी फील्ड में डटे रहे, संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी तैनात कर तत्काल हटाया गया मलबा
चम्पावत। जिले में लगातार तीन दिनों से हो रही भारी वर्षा के बीच आपदा की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देश पर जिले के सभी उपजिलाधिकारी, राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कनिष्ठ अभियंता अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद रहे। अधिकारियों की मौके पर मौजूदगी के कारण संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन एवं मलबा आने के बाद सड़कों को जल्द खोलना संभव हो सका।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वर्षा के कारण प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए और सड़क मार्ग बाधित होने की स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने आपदा प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही नियमानुसार राहत राशि भी तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिला प्रशासन की तत्परता के चलते जिले के विभिन्न हिस्सों में मलबा हटाकर सड़क मार्गों को जल्द यातायात के लिए खोला गया। हालांकि पिथौरागढ़ जिले की सीमा से लगे घाट क्षेत्र में पिछले 24 घंटे से लगातार पहाड़ी से मलबा आने के कारण सड़क खोलने में अधिक समय लगा। लगातार मलबा गिरने के बावजूद संबंधित विभागों की टीमों ने युद्धस्तर पर कार्य करते हुए आज करीब तीन बजे मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया।
राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता विभोर गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में पूरा राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिए खुला है। उन्होंने बताया कि राजमार्ग के सभी संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी एवं अन्य मशीनरी तैनात की गई है, ताकि मलबा आने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
फोटो : पिथौरागढ़ जिले की सीमा से लगे घाट क्षेत्र में सड़क मार्ग खोलते एनएच कर्मी।