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उपनल कर्मियों की बड़ी जीत: 2018 की कट ऑफ डेट तय, अब चरणबद्ध तरीके से मिलेगा न्यूनतम वेतन का लाभ।
देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने विभिन्न विभागों में उपनल (UPNL) के माध्यम से आउटसोर्स पर तैनात कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण शासनादेश जारी किया है। शासन ने उपनल कर्मियों को संबंधित पद के न्यूनतम वेतन के भुगतान और लाभ प्राप्त करने की पात्रता के लिए 'कट ऑफ डेट' की स्थिति स्पष्ट कर दी है।
सचिव दीपेंद्र कुमार चौधरी द्वारा जारी इस आदेश में पूर्व में दिए गए निर्देशों में संशोधन करते हुए नई व्यवस्था लागू की गई है।
मुख्य बिंदु: किसे मिलेगा लाभ?
शासन द्वारा जारी नवीनतम आदेश के अनुसार, मानदेय वृद्धि और अन्य लाभों के लिए पात्रता का निर्धारण इस प्रकार होगा:
कट ऑफ डेट: लाभ प्राप्त करने के लिए निर्णायक तिथि 12 नवंबर 2018 निर्धारित की गई है। इस तिथि तक निरंतर सेवा में रहे सभी उपनल कर्मियों को लाभ दिया जाएगा।
चरणबद्ध प्रक्रिया: 1. प्रथम चरण: सबसे पहले उन कर्मियों को लाभ मिलेगा जो 01 जनवरी 2016 से पहले से निरंतर कार्यरत हैं।
2. द्वितीय चरण: इसके बाद, 01 जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 के बीच नियुक्त हुए और निरंतर कार्यरत कर्मियों को चरणबद्ध तरीके से लाभान्वित किया जाएगा।
हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन
यह निर्णय उत्तराखंड उच्च न्यायालय, नैनीताल द्वारा जनहित याचिका संख्या-116/2018 (कुन्दन सिंह बनाम उत्तराखण्ड राज्य व अन्य) में पारित आदेश के अनुपालन में लिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 3 फरवरी 2026 को जारी पिछले शासनादेश के अन्य प्रावधान यथावत रहेंगे, केवल 'कट ऑफ डेट' से संबंधित क्लॉज को संशोधित किया गया है।
वित्त विभाग की मंजूरी
इस आदेश को वित्त विभाग की सहमति के बाद ई-ऑफिस के माध्यम से डिजिटल रूप से जारी किया गया है। यह आदेश प्रदेश के समस्त अपर मुख्य सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिलाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए भेज दिया गया है।
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