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अंग्रेजी शराब महंगी, देशी शराब के दाम स्थिर, कुछ ब्रांड सस्ते भी हो सकते हैं, कीमतों में बदलाव संभव।
नए वित्तीय वर्ष में शराब की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी
नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ प्रदेश में शराब की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। हालांकि इस बार बढ़ोतरी बहुत ज्यादा नहीं बल्कि सीमित रखी गई है।
क्या है पूरा मामला?
आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल के अनुसार, इस वर्ष शराब के दामों में ₹10 से ₹20 तक की वृद्धि की जाएगी।
यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से अंग्रेजी शराब (IMFL) पर लागू होगी।
देशी शराब के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
कीमतों में बदलाव क्यों
शराब की दरों का निर्धारण केवल सरकार ही नहीं, बल्कि संबंधित कंपनियां भी करती हैं।
ऐसे में कुछ ब्रांड्स के दाम कम भी हो सकते हैं, जबकि कुछ में बढ़ोतरी होगी।
राजस्व लक्ष्य और उपलब्धि
वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने करीब ₹5400 करोड़ का राजस्व लक्ष्य तय किया है।
इसमें से ₹2600 करोड़ पहले ही दुकानों के सेटलमेंट से प्राप्त हो चुका है।
पिछले वित्तीय वर्ष के अंत तक विभाग ने 250 करोड़ रुपये अधिक वसूली दर्ज की।
दुकानों का संचालन
प्रदेश में इस साल करीब 700 शराब की दुकानें संचालित की जा रही हैं।
अधिकांश दुकानों का आवंटन और नवीनीकरण पूरा हो चुका है।
निर्देश जारी
राजस्व लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी जिलों को प्रवर्तन (enforcement) कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
निष्कर्ष:
इस बार शराब महंगी जरूर होगी, लेकिन आम उपभोक्ता पर इसका असर बहुत ज्यादा नहीं पड़ेगा, क्योंकि बढ़ोतरी सीमित रखी गई है।