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वाहनों की नंबर प्लेट पर UK की जगह उ.ख. लिखने का फैसला, भाषा विभाग के प्रस्ताव पर मचा बवाल, मोटर व्हीकल एक्ट में नहीं है प्रावधान, सोशल मीडिया पर भी उठे विरोध के सुर
देहरादून, 17 मई 2025
राज्य की राजभाषा हिंदी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तराखंड सरकार के भाषा विभाग ने एक नया प्रस्ताव सामने रखा है। विभाग ने उत्तराखंड राजभाषा अधिनियम 2009 के तहत प्रदेश के वाहनों की नंबर प्लेट पर UK (उत्तराखंड) के स्थान पर हिंदी में उ.ख. लिखने का निर्णय लिया है। इस प्रस्ताव को राज्य के वन, भाषा, तकनीकी शिक्षा एवं निर्वाचन मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने स्वीकृति दी है।
भाषा विभाग की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि राज्य के सभी आरटीओ और एआरटीओ कार्यालयों में अब पंजीयन कोड हिंदी में ‘उ.ख.’ अंकित करने की तैयारी की जा रही है। विभाग का तर्क है कि उत्तर प्रदेश के समय में भी वाहनों की नंबर प्लेटों पर हिंदी में पंजीयन कोड अंकित होते थे, और अब उत्तराखंड में भी यही व्यवस्था अपनाई जानी चाहिए।
हालांकि इस निर्णय पर परिवहन विभाग ने आपत्ति जताई है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) लगती हैं और उन पर पंजीयन कोड केवल अंग्रेजी में ही लिखे जा सकते हैं। राज्यों को इसमें कोई भी बदलाव करने का अधिकार नहीं है। ऐसे किसी परिवर्तन के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से अनुमति लेना आवश्यक होता है।
फैसले के सार्वजनिक होते ही सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस छिड़ गई। कई लोगों ने इसे ‘प्रचलित व्यवस्था के साथ अनावश्यक छेड़छाड़’ बताया, वहीं कुछ ने इसे हिंदी के नाम पर दिखावा करार दिया।
मुख्य तथ्य:
भाषा विभाग ने राजभाषा अधिनियम 2009 के तहत UK की जगह उ.ख. लिखने का प्रस्ताव किया।
मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रस्ताव को दी मंजूरी।
परिवहन विभाग ने बताया – नंबर प्लेट के फॉर्मेट में बदलाव का अधिकार केवल केंद्र सरकार को।
सोशल मीडिया पर निर्णय की हो रही आलोचना।
निष्कर्ष:
जहां एक ओर यह निर्णय हिंदी को बढ़ावा देने की नीयत से प्रेरित है, वहीं दूसरी ओर यह विधिक और तकनीकी बाधाओं में उलझता नजर आ रहा है। अब देखना यह होगा कि परिवहन विभाग इस प्रस्ताव पर आगे क्या रुख अपनाता है और क्या केंद्र से इस पर अनुमति मिलती है या नहीं।
— चंपावत न्यूज़ नेटवर्क