🔊
नियम सख्त लेकिन शराब ठेकों की मनमानी बरकरार, विशेष जांच दल की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा चम्पावत में सबसे ज्यादा ओवररेटिंग, 35 से अधिक ठेकों में गड़बड़ियां उजागर
देहरादून, 17 मई 2025 (सूवि)।
शराब ठेकों पर ओवररेटिंग और अन्य गड़बड़ियों को रोकने के लिए भले ही नई आबकारी नीति में सख्त प्रावधान कर दिए गए हों, लेकिन जमीनी हकीकत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। आबकारी मुख्यालय द्वारा नियुक्त विशेष जांच दल की ताजा रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि प्रदेश के कई जिलों में शराब विक्रेताओं की मनमानी अब भी जारी है।
एक से तीन मई के बीच आबकारी आयुक्त हरिचंद्र सेमवाल के निर्देश पर चलाए गए औचक निरीक्षण अभियान में करीब 50 ठेकों की जांच की गई, जिनमें 35 से अधिक दुकानों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इनमें सबसे ज्यादा मामले चम्पावत, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिलों से सामने आए हैं।
मुख्य गड़बड़ियां जो सामने आईं:
तय दरों से अधिक वसूली (ओवर रेटिंग)
मूल्य सूची का दुकान में न चस्पा होना
शिकायत नंबर या क्यूआर कोड गलत या गायब होना
सीसीटीवी कैमरे खराब या अनुपस्थित
बिलिंग मशीन उपलब्ध नहीं या खराब
अग्निशमन यंत्रों की अनुपस्थिति
स्टॉक पंजिका अधूरी या न होना
ग्राहकों को बिल न देना
चम्पावत जिला सबसे अधिक गड़बड़ियों वाला जिला पाया गया है, जहां अधिकांश दुकानों में ओवर रेटिंग और बिना बिलिंग के शराब बिक्री का खुलासा हुआ है।
विशेष जांच दल की रिपोर्ट जिला आबकारी अधिकारी एन.आर. जोशी ने तैयार कर आयुक्त को भेज दी है। सूत्रों के अनुसार, दोषी पाए गए ठेकों पर नियमों के तहत कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
गौरतलब है कि नई आबकारी नीति 2025 में ओवर रेटिंग की स्थिति में लाइसेंस निरस्तीकरण तक का प्रावधान किया गया है, जबकि पहले केवल जुर्माने से काम चलता था। बावजूद इसके ठेके संचालक अब भी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं।
निष्कर्ष:
सरकार द्वारा नियम कड़े किए जाने के बावजूद शराब विक्रेताओं की लापरवाही और गड़बड़ी थमी नहीं है। रिपोर्ट सामने आने के बाद अब देखना होगा कि आबकारी विभाग दोषियों पर क्या ठोस कार्रवाई करता है, ताकि उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
— चंपावत न्यूज़ नेटवर्क