🔊
चंपावत: अतिथि शिक्षकों पर फिर डाला गया शिक्षा व्यवस्था का जिम्मा, मानदेय के लिए गुहार बेकार
चंपावत, 23 मई 2025: शिक्षा विभाग ने एक बार फिर अतिथि शिक्षकों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी है। राज्य के सभी जिलों में माध्यमिक शिक्षक संगठनों की जिला कार्यकारिणी का चयन चल रहा है, जिसके लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी ने स्थायी शिक्षकों को 2 से 3 दिन की कार्यमुक्ति दे दी है। इस दौरान विद्यालयों की पूरी जिम्मेदारी अतिथि शिक्षकों के कंधों पर होगी। चंपावत में माध्यमिक शिक्षक संघ की जिला कार्यकारिणी का चयन 23 और 24 मई को होना है, और सभी स्थायी शिक्षकों को कार्यमुक्ति के आदेश जारी हो चुके हैं।ऐसे में जिले के हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई अब अतिथि शिक्षकों के भरोसे रहेगी। कई विद्यालयों में छात्रों की संख्या अधिक होने के कारण व्यवस्था संभालना चुनौतीपूर्ण हो रहा है, लेकिन कम मानदेय में काम करने वाले अतिथि शिक्षक पूरे समर्पण के साथ यह जिम्मेदारी निभा रहे हैं।चंपावत अतिथि शिक्षक संगठन ने बताया कि विगत वर्षों में भी जब स्थायी शिक्षकों की कमी थी, तब अतिथि शिक्षकों ने पूर्ण मनोयोग से विद्यालय की गतिविधियों में योगदान दिया। उनके प्रयासों से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के परिणामों में भी सुधार देखा गया है। संगठन के प्रवक्ता ने कहा, "अतिथि शिक्षक न केवल पढ़ाई में योगदान दे रहे हैं, बल्कि स्कूल की अन्य गतिविधियों में भी अपनी शत-प्रतिशत भूमिका निभा रहे हैं।"हालांकि, सरकार की अस्पष्ट नीतियों और जून माह के मानदेय में देरी के कारण अतिथि शिक्षक मानसिक रूप से परेशान हैं। संगठन ने इस मुद्दे को लेकर विधायक प्रतिनिधि प्रकाश चंद्र तिवारी को एक लिखित ज्ञापन सौंपा था, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि कम मानदेय और अनिश्चित भविष्य के बावजूद वे शिक्षा व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन सरकार और अधिकारियों से उचित सहयोग की अपेक्षा करते हैं।शिक्षा विभाग के इस फैसले से जहां एक ओर विद्यालयों की व्यवस्था चल रही है, वहीं अतिथि शिक्षकों की समस्याओं पर ध्यान न देना शिक्षा व्यवस्था के लिए भविष्य में चुनौती बन सकता है।
खबर से जुड़ी अन्य तस्वीरें: