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उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए 11 अहम फैसले, ठेकेदारी से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक सुधार के प्रयास
देहरादून, 30 मई 2025:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास, पारदर्शिता और जनहित से जुड़े 11 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर निर्णय लिए गए। बैठक में ठेकेदारी व्यवस्था, औद्योगिक नीति, स्वास्थ्य सेवाओं, योग प्रोत्साहन और बाढ़ सुरक्षा जैसे विषयों को लेकर कई अहम मंजूरियां दी गईं।
प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:
ठेकेदारी व्यवस्था में पारदर्शिता:
वित्त विभाग के अंतर्गत ठेकेदारों की श्रेणियों में संशोधन कर राशि सीमा बढ़ाई गई। अब ई-बैंक गारंटी (e-BG) के माध्यम से प्रक्रिया डिजिटल होगी। स्थानीय ठेकेदारों को प्राथमिकता देने की नीति के तहत नियमों में बदलाव किए गए हैं।
नई औद्योगिक नीति को मंजूरी:
आगामी पांच वर्षों के लिए तैयार औद्योगिक नीति को स्वीकृति दी गई। इसमें राज्य को चार औद्योगिक श्रेणियों में बांटा गया है। उद्योग लगाने के लिए न्यूनतम स्थायी रोजगार की अनिवार्यता तय की गई है। कुछ क्षेत्रों में अब सब्सिडी नहीं दी जाएगी।
गृह विभाग की विष नियमावली में संशोधन:
अब मिठाइयों को भी विष (फूड सेफ्टी) नियमावली में शामिल किया गया है। इससे खाद्य गुणवत्ता और उपभोक्ता सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
सिंचाई विभाग की बाढ़ सुरक्षा रिपोर्ट को मंजूरी:
सालाना बाढ़ सुरक्षा रिपोर्ट को विधानसभा में प्रस्तुत करने के लिए अनुमति प्रदान की गई है।
चाय विकास बोर्ड का पुनर्गठन:
11 नए पदों की स्वीकृति के साथ बोर्ड के ढांचे में बदलाव किया गया है, जिससे चाय उत्पादन और विपणन को बढ़ावा मिलेगा।
योग नीति में संशोधन:
राज्य में योग हब के रूप में स्थानों के विकास की दिशा में कदम उठाते हुए योग नियमावली में बदलाव किए गए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती:
अटल आयुष्मान योजना व आयुष्मान भारत योजना के तहत 75 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, जिससे अस्पतालों में लंबित बैकलॉग क्लियर किया जा सके। साथ ही देहरादून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेजों में तीमारदारों के लिए रहने व भोजन की सुविधा विकसित की जाएगी।
राज्य लिपिक कर्मचारी नियमावली संशोधित:
राज्य के लिपिक वर्ग कर्मचारियों के लिए नियमावली में संशोधन को मंजूरी मिली है, जिससे सेवा शर्तों में सुधार होगा।
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निष्कर्ष:
यह कैबिनेट बैठक राज्य की प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और जनसेवा को नई दिशा देने वाली साबित हो रही है। लिए गए निर्णयों से बुनियादी ढांचे के साथ-साथ जनता के हितों को सीधे लाभ मिलने की संभावना है।
रिपोर्ट: उत्तराखंड राज्य संवाद
30 मई 2025