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अतिरिक्त सेवा का दबाव...- फैसले के बाद फूट-फूटकर रोई अंकिता की मां, कहा- फांसी मिलती तो सुकून मिलता
ऋषिकेश/30 मई।
उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में शुक्रवार को न्याय की पहली सीढ़ी पार हुई, लेकिन अंकिता की मां के लिए यह फैसला अधूरा साबित हुआ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) रीना नेगी की अदालत ने तीनों दोषियों पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को उम्रकैद की सजा सुनाई, साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
लेकिन जैसे ही अदालत ने अपना फैसला सुनाया, अंकिता की मां सोनी देवी का दर्द छलक उठा। उनकी पथराई आंखों से आंसुओं का सैलाब बह निकला। सड़क पर ही बैठकर फूट-फूटकर रोने लगीं। उन्होंने कहा,
तीनों हत्यारों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी। हम इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
मेरे जीते जी इनको फांसी हो जाती, तो सबसे अच्छा होता
अंकिता की मां ने रुंधे गले से कहा,
जिस तरह से उन्होंने मेरी बेटी को मार डाला, हमें बर्बाद कर दिया। ये सिर्फ मेरी बेटी की नहीं, हर बेटी की लड़ाई है। अगर इनको फांसी होती, तो समाज को एक संदेश जाता कि बेटियों के खिलाफ कोई भी जुर्म बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फैसले के मुख्य बिंदु:
302 (हत्या): तीनों दोषियों को कठोर आजीवन कारावास।
201 (साक्ष्य मिटाना): पाँच वर्ष का कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माना।
अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम: पाँच वर्ष का कठोर कारावास और 2-2 हजार रुपये जुर्माना।
क्या हुआ था अंकिता के साथ?
अभियोजन के अनुसार, अंकिता भंडारी वनंत्रा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के पद पर कार्यरत थीं। आरोपियों द्वारा उस पर एक्स्ट्रा सर्विस देने का दबाव बनाया जा रहा था, जिसका उसने विरोध किया। डर था कि वह यह बात सार्वजनिक न कर दे, इसलिए उसे झांसा देकर ऋषिकेश तक ले जाया गया और वापस रिसॉर्ट न लाकर उसकी हत्या कर दी गई। शव छह दिन बाद चीला नहर से बरामद हुआ था।
अभी नहीं थमी है जंग
अंकिता के पिता विजय भंडारी भी फैसले से संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने कहा,
हमारी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। हम उच्च न्यायालय का रुख करेंगे और दोषियों को फांसी की सजा दिलवाने की पूरी कोशिश करेंगे।
जनता और मीडिया को कहा धन्यवाद
सोनी देवी ने उत्तराखंड की जनता और मीडिया का आभार जताते हुए कहा,
अगर आप लोगों ने साथ न दिया होता, तो शायद ये मुकदमा भी अधर में रह जाता। हमारी लड़ाई अब और बड़ी हो गई है।