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अंकिता भंडारी हत्याकांड की नए सिरे से जांच की मांग, गंगोलीहाट में राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
उपजिलाधिकारी अंकित राज के माध्यम से भेजे ज्ञापन में सीबीआई जांच और कथित वीआईपी कनेक्शन की पड़ताल की उठाई मांग
गंगोलीहाट। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर गंगोलीहाट में न्याय की मांग उठाई गई। उपजिलाधिकारी अंकित राज के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर मामले की नए सिरे से गहन जांच कराने और कथित वीआईपी कनेक्शन से जुड़े आरोपों की पड़ताल करने की मांग की गई।
ज्ञापन में भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम और तत्कालीन संगठन महामंत्री अजय कुमार की भूमिका से जुड़े आरोपों की जांच करने तथा उनके कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल लोकेशन और व्हाट्सएप चैट की जांच कराने की मांग की गई। साथ ही, ज्ञापन में दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम के राज्यपाल पद से हटाने की मांग भी उठाई गई है।
ज्ञापन में अंकिता के कमरे को ध्वस्त किए जाने की परिस्थितियों की जांच करने और इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व विधायक रेणु बिष्ट सहित संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल करने की मांग की गई। इसके अलावा, मामले में दोषी ठहराए गए पुलकित आर्य के कथित तौर पर लापता फोन का डेटा रिकवर कर जांच में शामिल करने की मांग भी की गई है।
ज्ञापन में हस्ताक्षरकर्ताओं ने मांग की कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी की संलिप्तता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
इस दौरान गंगोलीहाट कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष पार्वती पंत, अधिवक्ता हयात सिंह, ऋषभ रावल, प्यारे लाल शाह, राकेश कुमार, विक्की गौरोला, लालू प्रसाद और भाकपा माले के भगवती पंत सहित अन्य लोगों के हस्ताक्षर ज्ञापन में शामिल रहे।
नोट: ज्ञापन में लगाए गए आरोप और उठाई गई मांगें संबंधित हस्ताक्षरकर्ताओं के पक्ष को दर्शाती हैं। इन आरोपों की पुष्टि स्वतंत्र जांच या न्यायिक निष्कर्षों के आधार पर ही की जा सकती है।