🔊
नशे से निकाल 150 युवाओं को बनाया फौलादी, पूर्व एनएसजी कमांडो मनोज करायत सम्मानित
डीएम मनीष कुमार बोले -दूसरों की खुशियों में अपनी खुशी तलाशने वाले से बड़ा कौन
पीआरडी को प्रशिक्षण के लिए संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश
चम्पावत। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सेना से सेवानिवृत्त एनएसजी कमांडो मनोज करायत को पुरस्कृत कर सम्मानित किया। मनोज पिछले पांच वर्षों से नशे की गलत संगत में पड़े युवाओं को सेना और पुलिस में भर्ती के लिए तैयार कर उनका फौलादी शरीर बना रहे हैं। अब तक वे 150 से अधिक युवाओं को विभिन्न बलों में भर्ती के योग्य बनाकर उनके घरों में खुशियां पहुंचा चुके हैं।
सेना से रिटायर होने के बाद जब मनोज ने फौजी दिनचर्या के अनुसार सुबह जीआईसी मैदान में दौड़ लगानी शुरू की, तो वहां उन्हें कई ऐसे युवा दिखे जो नशे की वजह से अपना जीवन बर्बाद कर रहे थे। मनोज को तरह-तरह के शारीरिक करतब करते देख कई युवा उनकी ओर आकर्षित हुए। मनोज ने उनसे कहा कि वे सभी को निःशुल्क प्रशिक्षण देंगे, चाहे वे फौज में भर्ती हों या न हों, क्योंकि स्वस्थ जीवन जीने का अधिकार हर व्यक्ति को है।
मनोज के कार्यों की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी ने उन्हें फोन कर कार्यालय बुलाया और सम्मानित किया। इस अवसर पर एसएसबी के कमांडेंट सुरेंद्र विक्रम भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे कम लोग होते हैं जो दूसरों की खुशी में अपनी खुशियां देखते हैं, और उनसे बड़ा महान व्यक्ति कौन हो सकता है। उन्होंने हर संभव सहयोग का आश्वासन देते हुए पीआरडी के डीओ जसवंत खड़ायत को प्रशिक्षण के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मनोज ने कहा कि जब उनके प्रशिक्षित युवा फौज से छुट्टी लेकर घर आते हैं, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहता और उनके चेहरों की खुशी में ही उन्हें अपनी खुशी दिखाई देती है। सम्मान के लिए आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे ऐसे अधिकारी के हाथों सम्मानित हुए, जिनकी सादगी और सरल व्यवहार आम लोगों को अपनी ओर खींचता है। इस उत्साहवर्धन से उनकी कार्य क्षमता और बढ़ेगी।
फोटो। रिटायर्ड एनएसजी कमांडो मनोज करायत को सम्मानित करते जिलाधिकारी मनीष कुमार।