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भगवा चोले की आड़ में पारिवारिक छल, लोहाघाट में शिवालय ऋषेश्वर महादेव मंदिर के बाबा के खिलाफ जनता में उबाल, ऑपरेशन कालनेमी के तहत कार्रवाई की मांग
चंपावत, 15 जुलाई 2025:
उत्तराखंड के लोहाघाट क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ऋषेश्वर महादेव मंदिर में भगवा वस्त्र धारण कर साधु का जीवन जीने वाले स्वामी मोहनानंद उर्फ एम.के. तिवारी के खिलाफ गंभीर आरोप लगे हैं। बाबा की असल पहचान सामने आने के बाद स्थानीय जनता में गहरा आक्रोश है, और लोग प्रशासन से ऑपरेशन कालनेमी के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
क्या हैं आरोप:
शिकायती पत्र के अनुसार,
सुनीता तिवारी नामक महिला ने वर्ष 2016 में शिवालय मंदिर लोहाघाट में एम.के. तिवारी से विधिवत विवाह किया था।
उनके दो बेटियाँ हैं – श्रीयाशा (2017) और ख्याति (2022)।
एम.के. तिवारी वर्तमान में लोहाघाट में एक मंदिर में साधु के रूप में निवास कर रहे हैं, जबकि वे विवाहित हैं और उनका पारिवारिक जीवन मथुरा के वृंदावन में चलता रहा है।
जब पत्नी ने बच्चों की परवरिश और अधिकार की बात की, तो तिवारी ने मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी।
महिला को व्हाट्सएप पर भी धमकियाँ दी गईं, जिनमें आत्महत्या कर झूठा फँसाने की धमकी शामिल थी।
जनता का आक्रोश और मांग:
घटना के उजागर होते ही लोहाघाट में नागरिकों का आक्रोश उभर कर सामने आया है। लोगों ने मांग की है कि ऑपरेशन कालनेमी के अंतर्गत इस तरह के ढोंगी बाबाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
ऑपरेशन कालनेमी चंपावत पुलिस द्वारा संचालित एक विशेष अभियान है, जिसके तहत समाज को भ्रमित करने वाले छद्मवेशधारी व्यक्तियों के खिलाफ सख्ती बरती जाती है।
पीड़िता की मांग:
सुनीता तिवारी ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि
पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की जाए।
उन्हें और उनकी बेटियों को न्याय और सुरक्षा प्रदान की जाए।
आरोपी के विरुद्ध सुसंगत कानूनी धाराओं में कार्रवाई की जाए।
यह मामला एक बार फिर इस बात को उजागर करता है कि किस प्रकार कुछ व्यक्ति धार्मिक चोले की आड़ में समाज और महिलाओं को धोखा दे रहे हैं। जनता और पीड़िता की ओर से अब पूरी उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले में कठोर और निष्पक्ष कार्रवाई करेगा।
यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता है, तो लोहाघाट में बड़े जन आंदोलन की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
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