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भ्रष्टाचार पर प्रहार - पेयजल निगम के मुख्य अभियंता सुजीत कुमार विकास निलंबित, पत्नी की फर्म के खाते में 10 लाख रुपये जमा कराने का आरोप
देहरादून, 17 जुलाई 2025
उत्तराखंड पेयजल निगम के प्रभारी मुख्य अभियंता सुजीत कुमार विकास को भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि उन्होंने एक ठेकेदार से काम दिलाने के बदले उसकी धनराशि अपनी पत्नी की फर्म के बैंक खाते में जमा करवाई।
निगम के अध्यक्ष एवं सचिव, पेयजल श्री बगौली की ओर से जारी निलंबन आदेश के अनुसार, काशीपुर निवासी संजय कुमार, जिनकी फर्म हर्ष एंटरप्राइजेज है, ने 20 जनवरी को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में अधीक्षण अभियंता रहे सुजीत कुमार विकास ने निगम में पंजीकरण कराने और काम दिलाने का आश्वासन दिया था।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि 6 से 8 जुलाई के बीच उनसे पांच किस्तों में कुल 10 लाख रुपये जमा कराए गए, जो कि कुचु पुचु एंटरप्राइजेज नामक फर्म के बैंक खाते में गए। इस फर्म में अभियंता की पत्नी रंजु कुमारी पार्टनर हैं।
इस गंभीर मामले पर विभाग ने 25 जून को स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन अभियंता ने निर्धारित 15 दिन की समयसीमा में कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद, 14 जुलाई से उनके खिलाफ विजिलेंस जांच भी शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुपालन में, उत्तराखंड पेयजल निगम कार्मिक अनुशासन एवं अपील विनियमावली-2017 के तहत विनियम-4 में निहित प्रावधानों के अंतर्गत सुजीत कुमार विकास को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर, उन्हें महाप्रबंधक प्रशिक्षण, मानव संसाधन प्रकोष्ठ, पेयजल निगम रुड़की से संबद्ध कर दिया गया है।
निगम अध्यक्ष बगौली ने अपने आदेश में उल्लेख किया है कि यह मामला अत्यंत गंभीर प्रकृति का है और इस पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक है।