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गौलापार हत्याकांड: 10 वर्षीय बालक की हत्या का छह दिन बाद खुला राज, 85 घंटे बाद मिला सिर और हाथ
गौलापार (उत्तराखंड)। पश्चिमी खेड़ा गांव में 10 वर्षीय बालक की जघन्य हत्या का मामला पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। 4 अगस्त की दोपहर करीब 12 बजे लापता हुआ बच्चा महज पांच घंटे के भीतर मौत के घाट उतार दिया गया। शातिर आरोपी ने शव के टुकड़े कर अलग-अलग जगह दबा दिए। धड़ 22 घंटे बाद तो सिर और एक हाथ 85 घंटे बाद शनिवार तड़के 1 बजे पुलिस को मिला।
पुलिस पांच दिन तक उलझी
मामले में संदिग्ध पहले दिन से पुलिस हिरासत में था, लेकिन उसने जुबान बंद रखी। पूछताछ में टालमटोल और आधे-अधूरे जवाब देकर वह जांच टीम को उलझाता रहा। कस्टडी में पांच दिन बाद, छठे दिन पुलिस आरोपी से सिर और हाथ की लोकेशन निकलवा पाई।
गांव में पांच दिन तक दहशत
घटना के बाद पूरे गौलापार क्षेत्र में दहशत फैल गई। अभिभावक अपने बच्चों को घर से बाहर भेजने से डरने लगे। हर दिन बदलते घटनाक्रम और सर्च ऑपरेशन से माहौल तनावपूर्ण रहा।
घटना का सिलसिला
4 अगस्त, दोपहर 12 बजे: अमित मौर्य (10) घर से गायब।
शाम 5 बजे: आरोपी ने बच्चे की हत्या कर शव को टुकड़ों में बांटकर गड्ढे में दबाया।
5 अगस्त, सुबह 10 बजे: परिजनों की सूचना पर खेत में खुदाई कर धड़ बरामद, सिर और एक हाथ गायब।
9 अगस्त, तड़के 1 बजे: पुलिस ने 85 घंटे की मशक्कत के बाद सिर और हाथ बरामद किए।
शक की सुई पड़ोसी पर
सीसीटीवी फुटेज में बच्चा गांव के एक संपन्न परिवार के घर की ओर जाते दिखा, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों के शक पर पुलिस ने पड़ोसी परिवार के चार लोगों को हिरासत में लिया। पूछताछ और तलाशी के बाद वारदात का राज खुला।
पीड़ित परिवार
मूल रूप से आमोर, बरेली (उत्तर प्रदेश) निवासी खूबकरण मौर्य करीब 15 साल से पश्चिमी खेड़ा में बंटाईदार हैं। वे परिवार सहित झोपड़ी में रहते हैं। बेटे की निर्मम हत्या से परिवार सदमे में है।