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शिक्षा और विकास की जगह शराब की दुकानें! देवीधुरा में खोली जाएगी नई शराब दुकान, स्थानीय लोग नाराज
देवीधुरा, उत्तराखंड: जहां एक ओर उत्तराखंड सरकार "नशा मुक्त उत्तराखंड 2025" का लक्ष्य लेकर चल रही है, वहीं दूसरी ओर चंपावत जिले के देवीधुरा क्षेत्र के वालिक गांव में शराब की नई दुकान खोले जाने की खबर से स्थानीय लोग नाराज हैं। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में ITI, पॉलिटेक्निक, अच्छे स्कूल, अस्पताल और बेहतर सड़कों की जरूरत है, लेकिन सरकार इसके बजाय शराब की दुकानों को बढ़ावा दे रही है।
स्थानीय लोग कर रहे विरोध
ग्रामीणों का कहना है कि इस फैसले से युवाओं में नशे की लत बढ़ सकती है, सामाजिक अपराध बढ़ सकते हैं और घरेलू हिंसा जैसी समस्याएं गहरा सकती हैं। यही वजह है कि देवीधुरा के लोग शराब की दुकान खोले जाने का विरोध कर रहे हैं और सरकार से मांग कर रहे हैं कि इसके बजाय शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया जाए।
शराब की काला बाजारी भी बनी समस्या
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले से ही क्षेत्र में शराब की अवैध बिक्री (काला बाजारी) हो रही है और अब एक और दुकान खुलने से यह समस्या और बढ़ सकती है।
क्या है लोगों की मांग?
1. शराब की दुकान का लाइसेंस रद्द किया जाए और क्षेत्र को नशा मुक्त जोन घोषित किया जाए।
2. शिक्षा और रोजगार पर सरकार का ध्यान बढ़े – ITI, पॉलिटेक्निक और अच्छे स्कूल खोले जाएं।
3. शराब की काला बाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
क्या कहती है सरकार?
अभी तक प्रशासन की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन स्थानीय लोगों का विरोध बढ़ता जा रहा है। यदि सरकार ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो यह मामला और तूल पकड़ सकता है।
क्या सरकार नशा मुक्त उत्तराखंड 2025 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सख्त कदम उठाएगी या फिर शराब की दुकानों को छूट मिलेगी? यह देखना बाकी है।