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माँ पूर्णागिरि मेला उद्घाटन में हुई घोषणा को मिली वित्तीय स्वीकृति, पेयजल योजनाओं को मिलेगी रफ्तार
चम्पावत। मुख्यमंत्री द्वारा माँ पूर्णागिरि मेला उद्घाटन के दौरान की गई घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए राज्य सरकार ने लादीगाड़ (श्री पूर्णागिरि) एवं ठुलीगाड़/बाबलीगाड़ पंपिंग पेयजल योजनाओं को महज 15 दिनों में वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इन योजनाओं के लिए ₹1524.57 लाख की कुल लागत स्वीकृत की गई है, जिसमें वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए प्रथम किश्त के रूप में ₹525.847 लाख जारी किए गए हैं।
जल संकट होगा दूर, क्षेत्रवासियों को मिलेगी राहत
इन योजनाओं से स्थानीय नागरिकों को स्वच्छ एवं निरंतर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। जिलाधिकारी जयवर्धन शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत इन योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे जल्द ही जनता को लाभ मिल सके।
सख्त निगरानी में होगा निर्माण कार्य
परियोजनाओं की GIS मैपिंग अनिवार्य होगी, जिससे निर्माण की सटीक निगरानी सुनिश्चित की जा सके। निर्माण से पहले भू-गर्भवेत्ताओं एवं उच्च अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण किया जाएगा और उनके निर्देशानुसार ही कार्य किया जाएगा। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जाँच के लिए प्रयोगशाला परीक्षण भी अनिवार्य होगा, जिससे मानक गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
वित्तीय प्रबंधन पर विशेष ध्यान
स्वीकृत धनराशि का आहरण उत्तराखंड जल संस्थान, देहरादून के मुख्य महाप्रबंधक एवं जिलाधिकारी, देहरादून के हस्ताक्षरित बिल के माध्यम से किया जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि पूरी धनराशि का उपयोग 31 मार्च 2025 तक हो जाए। यदि किसी स्तर पर धनराशि का उपयोग नहीं होता है, तो उसे राजकोष में जमा करना अनिवार्य होगा।
मुख्यमंत्री की इस महत्वपूर्ण घोषणा के क्रियान्वयन से जनपद चम्पावत में जल संकट का समाधान होगा और स्थानीय नागरिकों को शीघ्र स्वच्छ पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी।