🔊
हरिद्वार परीक्षा सेंटर से लीक हुआ पेपर, एक अभ्यर्थी पर केंद्रित साजिश का खुलासा
देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की रविवार को हुई स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र बाहर आने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। देहरादून पुलिस और आयोग ने देर रात बताया कि पेपर का सिर्फ एक सेट हरिद्वार के एक सेंटर से एक अभ्यर्थी के लिए लीक हुआ था। पुलिस के अनुसार इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय नहीं है।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि जांच में अभ्यर्थी खालिद मलिक, उसकी बहन हीना और सहायक प्रोफेसर सुमन की भूमिका सामने आई है। रायपुर थाने में उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अध्यादेश 2023 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। खालिद और उसके संपर्क में आए अन्य छात्रों की तलाश के लिए विशेष जांच दल गठित किया गया है। संभावना है कि खालिद जल्द ही गिरफ्त में होगा।
जांच में पता चला कि सेंटर से खालिद की बहन को पेपर के स्क्रीनशॉट भेजे गए। उसने उन्हें प्रोफेसर सुमन तक पहुंचाया और सवालों के जवाब मांगे। आरोप है कि सुमन ने जवाब भेजे, लेकिन बाद में संदेह होने पर पुलिस जाने की सोच रही थीं। इससे पहले बॉबी पंवार से बातचीत हुई, जिन पर आरोप है कि उन्होंने उन्हें पुलिस से संपर्क करने से रोका और इस मुद्दे को प्रचारित किया।
उठे गंभीर सवाल
इस पूरे प्रकरण ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सेंटर में मोबाइल फोन कैसे पहुंचा? जैमर क्यों फेल हुआ? आयोग अध्यक्ष ने माना कि यह गंभीर लापरवाही है और संभावना जताई कि सेंटर पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका या तकनीकी सहयोग से जैमर फेल किया गया हो। मामले की जांच जारी है।