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गंगोलीहाट में 92वें वर्ष की रामलीला का शुभारंभ, राम जन्म से अहिल्या उद्धार तक हुए लीला मंचन
गंगोलीहाट।
महाकाली रामलीला कमेटी एवं सांस्कृतिक मंच द्वारा मंदिर परिसर में 92वें वर्ष में आयोजित पारंपरिक रामलीला नाटक मंचन का शुभारंभ रविवार को धूमधाम से किया गया। प्रथम दिवस पर नदी सूत्रधार संवाद, ऋषि-मुनियों द्वारा देव स्तुति, राम जन्म, विश्वामित्र-दशरथ संवाद, राम-लक्ष्मण का विश्वामित्र के साथ वन गमन, ताड़का, सुबहु, मारीच वध तथा अहिल्या उद्धार जैसे रोचक प्रसंगों का मंचन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी यशवीर सिंह तथा विशिष्ट अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष विमल रावल और रावल गांव वार्ड के सभासद भगवत रावल ने दीप प्रज्वलित कर लीला का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी यशवीर सिंह ने कहा कि बचपन में वे पांच किलोमीटर दूर तक रामलीला देखने जाया करते थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति को अपने कार्यकाल में विभिन्न स्थानों पर देखने का उन्हें अवसर प्राप्त हुआ है। साथ ही उन्होंने लोगों से भगवान राम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
नगर पालिका अध्यक्ष विमल रावल ने कहा कि वे अपने स्तर से रामलीला मंचन को हरसंभव सहयोग देंगे।
कार्यक्रम में कमेटी अध्यक्ष हेमराज रावल, उपाध्यक्ष विजय शाह, सचिव गजेन्द्र रावल, कोषाध्यक्ष नरेंद्र रावल, मुख्य निर्देशक सूबेदार शंकर सिंह रावल, महाकाली मंदिर कमेटी अध्यक्ष हरगोविंद रावल, संरक्षक कैप्टन राजेन्द्र सिंह रावल, प्रेम सिंह रावल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
माँ शारदे संगीत अकादमी के छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर माहौल भक्तिमय बना दिया। रामलीला का संचालन दीपक जोशी द्वारा किया जा रहा है।