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डा. अखिलेश सिंह विश्व के शीर्ष वैज्ञानिकों में शामिल स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने 2025 के लिए किया चयन, उत्तराखंड और भारत का नाम रोशन
पिथौरागढ़, 28 सितंबर 2025।
उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के कैंपस संस्थान सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज, पिथौरागढ़ के विद्युत विभाग में कार्यरत डा. अखिलेश सिंह ने वैश्विक स्तर पर एक नई मिसाल कायम की है। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय, अमेरिका द्वारा जारी वर्ष 2025 की दुनिया के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में डॉ. सिंह को शामिल किया गया है।
यह उपलब्धि न केवल उत्तराखंड के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
डा. सिंह ने विद्युत फ्रिक्वेंसी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग से नियंत्रित करने तथा इलेक्ट्रिक व्हीकल सोलर पावर चार्जिंग स्टेशन में न्यूरो स्लाइडिंग मोड बैक स्टेपिंग कंट्रोलर के प्रयोग पर महत्वपूर्ण शोध किया है। उनके शोध कार्यों का उपयोग आज विश्व के कई विश्वविद्यालयों और अग्रणी कंपनियों द्वारा किया जा रहा है।
डा. सिंह के शोध कार्यों में उनके सहयोगी डा. बी.पी. जोशी, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश) के प्रो. भारत भूषण शर्मा, आईआईटी धनबाद के प्रो. गोविंद मुर्मू तथा आईआईटी रुड़की से पीएचडी प्राप्त डा. नागेन्द्र कुमार का विशेष योगदान रहा।
यह सम्मान डॉ. सिंह के शोध की गुणवत्ता और उनके वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है। उन्हें पूर्व में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय, देहरादून द्वारा बेस्ट टीचर अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।
संस्थान में डॉ. सिंह डीन एकेडेमिक, परीक्षा नियंत्रक एवं विद्युत, इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर विभागों के विभागाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुके हैं।
उनकी इस असाधारण उपलब्धि पर सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज पिथौरागढ़, उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय और समूचे शैक्षणिक समुदाय में हर्ष की लहर है। संस्थान के निदेशक, सहयोगी शिक्षकगण और विद्यार्थियों ने डॉ. सिंह को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी है।