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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्त विभाग की समीक्षा बैठक की, राज्य की आर्थिक सुदृढ़ता पर दिया जोर
देहरादून, 5 अप्रैल 2025 – उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय में वित्त विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने राज्य के समावेशी विकास और वित्तीय अनुशासन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की आर्थिक सुदृढ़ता के लिए मध्यकालिक और दीर्घकालिक योजनाओं पर ठोस कार्य किया जाए। उन्होंने विभागों को निर्देशित किया कि दिसंबर माह तक बजट का कम से कम 80 प्रतिशत खर्च सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव इस लक्ष्य की हर माह समीक्षा करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री स्वयं हर तीन महीने में इसकी समीक्षा करेंगे।
राज्य के बजट व्यय की नियमित डिजिटल मॉनिटरिंग की व्यवस्था लागू करने का आदेश भी दिया गया, जिससे पारदर्शिता और कार्यक्षमता सुनिश्चित की जा सके। जीएसटी संग्रहण बढ़ाने, राजस्व स्रोतों की समीक्षा और केंद्र प्रायोजित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर भी मुख्यमंत्री ने बल दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 90:10 और 70:30 के अनुपात वाली केंद्र प्रायोजित योजनाओं को शीर्ष प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही मानव संसाधन विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने की बात कही।
धामी ने नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दिशा में भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि "विकसित भारत" के विजन को साकार करने के लिए आर्थिक विकास के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को भी महत्व देना जरूरी है।
बैठक में यह जानकारी दी गई कि पिछले तीन वर्षों में राज्य की जीएसडीपी वृद्धि दर लगातार 13 प्रतिशत से अधिक रही है, और इस वर्ष खनन राजस्व में 400 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, पूंजीगत व्यय 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक और वित्तीय वर्ष 2024-25 में बजट व्यय 90 प्रतिशत तक पहुँच चुका है।
बैठक में उत्तराखंड अवस्थापना अनुश्रवण परिषद् के उपाध्यक्ष श्री विश्वास डाबर, मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आर. के. सुधांशु सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।