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सीएम धामी ने बनबसा में लैंडपोर्ट निर्माण कार्य का निरीक्षण किया, बोले-यह परियोजना भारत-नेपाल संबंधों को करेगी और मज़बूत
चंपावत।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बनबसा में प्रस्तावित लैंडपोर्ट निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से परियोजना की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और इसे प्रदेश एवं देश दोनों के लिए एक रणनीतिक व आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बनबसा लैंडपोर्ट का निर्माण पूरा होने पर भारत और नेपाल के बीच न केवल व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि दोनों देशों के सांस्कृतिक एवं जनसंपर्क संबंध भी और अधिक सुदृढ़ होंगे। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 और सीमा क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के विज़न को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
500 करोड़ से अधिक की लागत से होगा निर्माण
भारत-नेपाल सीमा से सटे गुदमी क्षेत्र में यह लैंडपोर्ट लगभग 500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया जा रहा है। परियोजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से युक्त इमिग्रेशन, कस्टम्स, ट्रक टर्मिनल, यात्री लाउंज, वाणिज्यिक कॉम्प्लेक्स और प्रशासनिक भवन शामिल होंगे।
लैंडपोर्ट बनने के बाद बनबसा से गुजरने वाला अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग और भी सुगम व सुरक्षित होगा। इससे न केवल व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
सीएम ने दिए तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह लैंडपोर्ट उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र चंपावत के लिए विकास का नया द्वार साबित होगा।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ जिला अधिकारी चंपावत श्री मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक श्रीमती देवेंद्र पिंचा, एसडीएम टनकपुर, और भूमि बंदोबस्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
स्थानीय लोगों में उत्साह
लैंडपोर्ट निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों व व्यापारियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उनका कहना था कि इस परियोजना से क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और रोजगार की संभावनाएं कई गुना बढ़ेंगी।