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उत्तराखंड में भूकंप आपदा प्रबंधन की तैयारी: राज्य स्तरीय टेबल टॉप अभ्यास संपन्न, 15 नवंबर को होगी मॉक ड्रिल
चंपावत 13 नवंबर 2025, सूवि।
उत्तराखंड राज्य में एक संभावित उच्च तीव्रता के भूकंप से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, गुरुवार को एक राज्य स्तरीय भूकंप मॉक ड्रिल टेबल टॉप एक्सरसाइज का सफलतापूर्वक वर्चुअल आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा प्रबंधन तंत्र की तत्परता की समीक्षा करना और आपदा की काल्पनिक स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को सुदृढ़ बनाना था।
टेबल टॉप एक्सरसाइज का आयोजन जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) सभागार में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया। इस अभ्यास के दौरान, आपदा प्रबंधन तंत्र की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन किया गया।
जनपद चंपावत की समीक्षा के दौरान अपर जिलाधिकारी श्री कृष्णा नाथ गोस्वामी ने जिला स्तर पर आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, बचाव एवं राहत कार्यों के संचालन, प्रभावी संचार श्रृंखला, और संसाधनों के बेहतर उपयोग व समन्वय के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
मा उपाध्याय आपदा प्रबन्धन विनय रुहेला ने कहा कि उच्च तीव्रता के भूकंप की काल्पनिक स्थिति में बचाव एवं राहत कार्यों के लिए त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करें। इस हेतु विभिन्न विभागों (पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, सेना, अग्निशमन सेवा, आदि) के बीच प्रभावी समन्वय और संचार स्थापित करें। संसाधनों (एंबुलेंस, उपकरण, अस्थायी आश्रय स्थल) के बेहतर उपयोग और संचालन योजना की समीक्षा करें, आपदा से निपटने के लिए आम जनता के बीच जागरूकता और तैयारियों को बढ़ाए जाने के साथ ही अभ्यास के दौरान आपदा प्रबंधन योजना में मौजूद कमियों को चिन्हित कर उन्हें दूर करने की रणनीति बनाए।
यह अभ्यास एक महत्वपूर्ण मंच है, जहाँ जिला आपदा प्रबंधन योजना में मौजूद कमियों को चिन्हित कर उन्हें दूर करने और तंत्र को मजबूत बनाने की रणनीति पर काम किया गया।
बैठक में बताया गया कि भूकंप संबंधी पूर्ण स्तरीय मॉक ड्रिल का आयोजन पूरे राज्य में 15 नवंबर को किया जाएगा।
आपदा प्रतिक्रिया तंत्र (IRS) और मॉक ड्रिल की तैयारी
अपर जिलाधिकारी श्री गोस्वामी ने बताया कि आगामी मॉक ड्रिल हेतु जनपद में 08 स्थलों को चिन्हित किया गया है। भूकंप जैसी आपदा के त्वरित प्रतिवेदन हेतु जनपद में गठित इंसीडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (IRS) टीम के सदस्यों के आपसी समन्वय के साथ आपदा से निपटने हेतु तैयारियां की गई हैं।
श्री गोस्वामी ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि IRS टीम को पाँच प्रमुख भागों में बांटा गया है—कमांड स्टाफ, ऑपरेशन सेक्शन, प्लानिंग सेक्शन, लॉजिस्टिक सेक्शन, और फाइनेंस सेक्शन।
इस टीम के रिस्पॉन्सिबल ऑफिसर जिला मजिस्ट्रेट हैं, जबकि पुलिस अधीक्षक डेप्यूटी रिस्पॉन्सिबल ऑफिसर के रूप में नामित हैं।
मॉक ड्रिल के लिए गोरलचौड़ मैदान को स्ट्रेजिंग एरिया (जहाँ से राहत और बचाव कार्यों का प्रबंधन होता है) के रूप में निर्धारित किया गया है। श्री गोस्वामी ने मॉक ड्रिल के निर्बाध क्रियान्वयन के लिए सभी नामित IRS अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने कर्तव्यों का गहराई से अध्ययन करें और अपनी तय जिम्मेदारियों का निर्वहन पूर्ण दृढ़ता व तन्मयता से करें।
बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को जोर देकर कहा, "किसी भी आपदा के घटित होने का इंतजार करने के बजाय पहले से तैयारी कर लेनी चाहिए, जिससे आपदा के प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके।" उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी आपदा बता कर नहीं आती है, इसलिए आपदा से निपटने के लिए समस्त अधिकारियों को 24x7 अलर्ट रहकर अपने कार्यों का भली भांति निर्वहन करना सुनिश्चित करना होगा।
अपर जिलाधिकारी ने भी बैठक में उपस्थित IRS टीम के सभी प्रमुखों को निर्देशित किया कि आपदा के समय बिना किसी देरी के उन्हें सौंपे गए दायित्वों को पूरी तन्मयता के साथ पूरा किया जाए।
इस वर्चुअल माध्यम से टेबल टॉप एक्सरसाइज में सचिव राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण विनोद कुमार सुमनसहित अन्य उच्चाधिकारी जनपद से जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एसएसबी, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, अग्निशमन सेवा, और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
जिन्होंने अपनी-अपनी भूमिकाओं पर विस्तार से चर्चा की और 15 नवंबर की पूर्ण स्तरीय मॉक ड्रिल की तैयारियों को अंतिम रूप दिया।