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ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार दिख रहा तेंदुआ, सुरक्षा को लेकर ग्रामीण चिंतित, अधिवक्ता लोकमान अधिकारी का मुख्यमंत्री को पत्र-चंपावत में बने वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर
चंपावत जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे तेंदुए के आतंक से दहशत का माहौल बन गया है। ग्रामीणों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण की आवश्यकता को देखते हुए अधिवक्ता लोकमान अधिकारी उर्फ कृष्णा ने माननीय मुख्यमंत्री, उत्तराखंड सरकार को एक विस्तृत निवेदन पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
निवेदन में बताया गया है कि बीते कई दिनों से तेंदुआ कभी गांव के पास, कभी खेतों में और कभी मुख्य मार्गों पर दिखाई दे रहा है। इससे ग्रामीणों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में भारी भय व्याप्त है। तेंदुए के हमले का खतरा लगातार बना हुआ है, वहीं पशुधन पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है।
अधिवक्ता लोकमान अधिकारी ने निवेदन में कहा है कि चंपावत का अधिकांश क्षेत्र घने जंगलों से घिरा है, जहां वन्यजीवों की गतिविधियां स्वाभाविक रूप से बढ़ रही हैं। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष भी तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में जनपद में एक वन्यजीव अभयारण्य, रेस्क्यू सेंटर या संरक्षण केंद्र की स्थापना आवश्यक है, जिससे-
वन्यजीवों की प्रभावी निगरानी की जा सके,
तेंदुए सहित अन्य जंगली जीवों का गांवों में प्रवेश कम हो,
वन विभाग को रेस्क्यू और प्रबंधन में सुविधा मिले,
वन्यजीवों को सुरक्षित प्राकृतिक आवास प्राप्त हो सके।
ग्रामीणों ने आशा व्यक्त की है कि राज्य सरकार इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र ठोस कदम उठाएगी, जिससे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बहाल हो सके।