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फील्ड मार्शल दिवाकर भट्ट की श्रद्धांजलि यात्रा में उमड़ रही भीड़, यूकेडी कार्यकर्ताओं ने लिया संकल्प-भट्ट के सपनों का सशक्त उत्तराखंड बनाएंगे।
चंपावत। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के शीर्ष आंदोलनकारी नेता, फील्ड मार्शल स्वर्गीय दिवाकर भट्ट को श्रद्धांजलि देने हेतु शुरू की गई। लोगों का जुड़ाव लगातार बढ़ता जा रहा है। यूकेडी कार्यकर्ताओं द्वारा जसपुर से शुरू की गई यह यात्रा रुद्रपुर, खटीमा, बनबसा, टनकपुर, चंपावत सहित विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए आज लोहाघाट पहुंची, जहां जगह–जगह यात्रा दल का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
नैनीताल जिला इकाई अध्यक्ष प्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व में पूर्व केंद्रीय सह-संयोजक भुवन सिंह बिष्ट, युवा प्रकोष्ठ के संगठन मंत्री अमित बीनवाल, श्याम सिंह नेगी, मोहन सिंह नेगी, हरीश कोटिया, प्रमोद सती, प्रेम बिष्ट, उत्तम बिष्ट, प्रदीप कटोरिया, मोहम्मद अंसारी सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने दिवंगत भट्ट को श्रद्धांजलि अर्पित की। भट्ट के सपनों के उत्तराखंड के लिए फिर उठा संघर्ष का संकल्प
यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने भट्ट के आदर्शों और संघर्षों को याद करते हुए कहा कि आज भी पहाड़ का वास्तविक विकास अधूरा है।
कार्यकर्ताओं ने कहा 1950 से पूर्व उत्तराखंड में बसे मूल निवासियों को स्थायी निवास प्रमाण पत्र देने की व्यवस्था बने।
हिमाचल की तर्ज पर कड़े भूमि–नियमन लागू हों ताकि बाहरी दबाव से मूल संस्कृति और भू-संपदा की रक्षा हो सके।
राजनीतिक दलों ने उत्तराखंड को ‘धर्मशाला’ की तरह इस्तेमाल किया, जबकि पहाड़ के दर्द को सिर्फ यूकेडी ने समझा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य बनने के बाद विकास के दावे तो बड़े-बड़े किए गए, लेकिन गांवों में वास्तविक विकास का अभाव अब भी चिंता का विषय है।
स्कूल बंद हो रहे हैं, कृषि संकट गहराया है, और पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन लगातार बढ़ रहा है। राज्य तभी संपूर्ण होगा जब मूलवासियों को उनका हक़ मिलेगा कार्यकर्ताओं ने कहा कि दिवाकर भट्ट ने जिस आत्मसम्मान, स्वाभिमान और जन-अधिकारों वाले उत्तराखंड का सपना देखा था, उसे पूर्ण करने के लिए यूकेडी एक बार फिर संघर्ष की राह पर है।
फोटो - चम्पावत में स्वर्गीय दिवाकर भट्ट को श्रद्धांजलि देते कार्यकर्ता।
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