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सोशल मीडिया पर 19 मिनट 34 सेकंड वायरल, 19 मिनट 34 सेकंड वायरल वीडियो: क्या है हकीकत
सोशल मीडिया पर 19 मिनट 34 सेकंड वायरल वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिसमें एक कपल की कथित अंतरंग पल कैद होने का दावा किया जा रहा है। यह वीडियो बंगाली इन्फ्लुएंसर्स का लीक बताया जा रहा है, लेकिन इसकी उत्पत्ति अस्पष्ट है और इसमें सीजन 2, सीजन 3 जैसे फर्जी सीक्वल भी बनाए गए हैं।
डीपफेक और एआई का खतरा-कई रिपोर्ट्स में इसे डीपफेक या एआई से जेनरेटेड कंटेंट बताया गया है, जिससे महिलाओं की गलत पहचान हो रही है और ट्रोलिंग बढ़ रही है। एक इन्फ्लुएंसर ने खुद सफाई दी कि वीडियो में वह नहीं हैं। फैक्ट-चेक से पता चलता है कि वीडियो असत्यापित है, जो बदनामी और साइबर क्राइम को बढ़ावा दे रहा है।
कानूनी जोखिम: जेल की सजा संभवइस तरह का अश्लील कंटेंट शेयर करने पर आईटी एक्ट 2000 की धारा 67, 67A और 67B के तहत 5-7 साल की जेल और 10 लाख तक जुर्माना हो सकता है, खासकर बच्चों से जुड़े मामलों में सजा कठोर। स्कैमर्स लिंक बेचकर लोगों को फंसा रहे हैं, इसलिए शेयरिंग से बचें।
वीडियो शेयर करना अपराध - जानिए कानून क्या कहता है
भारत में किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक, निजी या बिना सहमति वाली सामग्री को शेयर करना गंभीर अपराध है।
IT Act 2000 के तहत दंड
धारा 67: पहली बार 3 साल जेल + 5 लाख तक जुर्माना
धारा 67A: 5 वर्ष तक जेल + 10 लाख तक जुर्माना
दोबारा अपराध पर सजा और ज्यादा सख्त
IPC की धाराएँ
292, 293, 354C
अश्लील सामग्री के प्रसार और निजीता के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।
जागरूकता संदेश-
किसी भी वायरल वीडियो को बिना जांचे-परखे आगे न बढ़ाएं
किसी लड़की या व्यक्ति को चेहरे की समानता से बदनाम न करें
निजी सामग्री शेयर करना या दूसरों से मांगना भी अपराध है
किसी संदिग्ध लिंक, वीडियो या मैसेज को तुरंत रिपोर्ट करें