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एबट माउंट: पर्यटन के नाम पर सिर्फ दिखावा, ज़मीनी हकीकत में मायूसी
उत्तराखंड का एबट माउंट, जो कभी अपनी खूबसूरत वादियों और शांति के लिए प्रसिद्ध था, अब पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए मायूसी का सबब बनता जा रहा है।
व्यू पॉइंट्स तक पहुंच बंद:
पर्यटन स्थलों की आत्मा माने जाने वाले व्यू पॉइंट्स तक अब लोगों को पहुंचने नहीं दिया जाता।
मुक्ति कोठी और अस्पताल में ताले:
ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मुक्ति कोठी और ब्रिटिशकालीन अस्पताल अब निजी संपत्तियाँ बन चुकी हैं। आम लोगों के लिए पूरी तरह से बंद हैं और आस-पास भी घूमने की अनुमति नहीं है।
चर्च बदहाली की कगार पर:
अंग्रेजी शासनकाल में बना खूबसूरत चर्च अब संरक्षण और रखरखाव के अभाव में जर्जर हो चुका है और अब गिरने की कगार पर है।
सड़कें बुरी हालत में:
एबट माउंट की ओर जाने वाली सड़कें बेहद खराब और संकरी हैं, जिससे यात्रा और भी कठिन हो जाती है।
प्राकृतिक फील्ड बना हेलीपेड:
एक समय की सुंदर घास की फील्ड, जहां लोग बैठकर प्रकृति का आनंद लिया करते थे, अब एक हेलीपेड में बदल चुकी है।
सुविधाओं का अभाव:
पर्यटकों के लिए न तो खाने-पीने की उचित व्यवस्था है और न ही स्थानीय उत्पादों की दुकानें।
शराबी और अराजक तत्वों का खतरा:
कई बार इलाके में शराबियों और अराजक तत्वों का जमावड़ा देखा गया है, जिससे पर्यटकों की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिन्ह लगता है।
पर्यटन के नाम पर सिर्फ महंगे कोटेज:
सरकार द्वारा सिर्फ कुछ महंगे कोटेज और हेलीपेड बनवाए गए हैं, जिनका लाभ बहुत ही सीमित संख्या में पर्यटक उठा पाते हैं। आम लोगों के लिए यह पर्यटन स्थल अब केवल एक निराशाजनक अनुभव बनकर रह गया है।
बताते चलें कि उत्तराखंड के लोहाघाट से सिर्फ 7 किमी दूर बसा है एबट माउंट, जो प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ दुनिया की सबसे भुतहा जगहों में से एक माना जाता है।
ब्रिटिश काल की बनी इमारतें, वीरान चर्च, घने जंगलों के बीच एक कब्रिस्तान, और एक रहस्यमयी हॉस्पिटल... कहते हैं यहां अब भी भटकती आत्माएं रात में दिखाई देती हैं।
डॉक्टर मौरिस, मुक्ति कोठरी, एबी बंगला और वह अस्पताल – सबके पीछे छुपी है ऐसी कहानियां जो रोंगटे खड़े कर दें।
दिन में जितना शांत और सुंदर, रात में उतना ही रहस्यमय और डरावना माना जाता है।