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नैनीताल में सांप्रदायिक तनाव पर सख्त मुख्यमंत्री धामी: कानून तोड़ने वालों को नहीं मिलेगी राहत, सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
देहरादून, 2 मई: नैनीताल में किशोरी के साथ दुष्कर्म के मामले में उत्पन्न सांप्रदायिक तनाव के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कानून व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर उच्चस्तरीय बैठक कर उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य में कानून तोड़ने वालों और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिया कि किरायेदारों का सत्यापन, रेहड़ी-पटरी संचालकों की निगरानी, अवैध कब्जों और फर्जी प्रमाणपत्रों के मामलों में तीन दिन के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
मुख्यमंत्री ने दुष्कर्म पीड़िता की देखभाल और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा, "सरकार पीड़िता और उसके परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।"
बैठक में मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक एकता और भूमि की अस्मिता के साथ कोई खिलवाड़ नहीं किया जाएगा। “जो भी देवभूमि की एकता को तोड़ने का दुस्साहस करेगा, उससे सख्ती से निपटा जाएगा,” उन्होंने स्पष्ट किया।
इस बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे