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हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, जनता में उबाल:: दुष्कर्म आरोपी उस्मान को राहत, अतिक्रमण नोटिस रद्द, प्रशासन को माफी का आदेश
नैनीताल, 2 मई:
नैनीताल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी उस्मान के मकान पर नगर पालिका द्वारा जारी अतिक्रमण नोटिस को रद्द कर दिया। कोर्ट ने इस कार्रवाई को अनुचित और कानून के खिलाफ बताते हुए नगर पालिका को आरोपी से बिना शर्त माफी मांगने का आदेश दिया है।
मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की विशेष पीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार अतिक्रमण हटाने से पहले 15 दिन का समय देना अनिवार्य है, लेकिन आरोपी को सिर्फ तीन दिन का नोटिस दिया गया, वो भी तब जब वह जेल में है। नगर पालिका ने अपनी गलती स्वीकारते हुए नोटिस वापस लेने की बात कही।
कोर्ट की प्रशासन को फटकार:
हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के बाद नैनीताल में भड़के सांप्रदायिक तनाव और प्रदर्शन पर नाराज़गी जताते हुए पुलिस प्रशासन को फटकार लगाई और कानून व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए।
अगली सुनवाई 6 मई को होगी, जिसमें पुलिस और नगर पालिका को कोर्ट के आदेशों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करनी होगी।
जनता में उबाल:
फैसले के बाद सोशल मीडिया पर जनता का आक्रोश फूटा। कई लोगों ने इसे संविधान की लचकता का गलत फायदा बताया और सवाल उठाए कि क्या कानून का सख्ती से पालन सिर्फ आम जनता के लिए है?