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नैनीताल कांड: गैराज में खड़ी कार में हुआ दुष्कर्म, 10 दिन तक घुटनों के बल रेंगती रही मासूम; डॉक्टरों ने लौटाया बिना इलाज
नैनीताल, 3 मई:
नैनीताल से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां 12 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ 72 वर्षीय ठेकेदार द्वारा दुष्कर्म किया गया। घटना के बाद बच्ची 10 दिन तक असहनीय पीड़ा में घुटनों के बल रेंगती रही। हैरान करने वाली बात यह है कि जब पीड़िता को लेकर मां हल्द्वानी के महिला अस्पताल पहुंची, तो डॉक्टरों ने इलाज करने से यह कहकर मना कर दिया कि "पहले पुलिस के पास जाओ, फिर इलाज होगा।"
गैराज में कार के अंदर हुआ दुष्कर्म
मां द्वारा दी गई तहरीर में कहा गया है कि 12 अप्रैल को बच्ची बाजार से सामान लेने गई थी, तभी रुकुट कंपाउंड निवासी ठेकेदार उस्मान ने उसे 200 रुपये का लालच देकर घर बुलाया और वहां गैराज में खड़ी कार में उससे दुष्कर्म किया। विरोध करने पर आरोपी ने चाकू दिखाकर उसका मुंह दबा दिया और घटना बताने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी।
गुमसुम बच्ची, डर और दर्द में डूबी रही
घटना के बाद बच्ची मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह टूट गई। कई दिनों तक उसने किसी को कुछ नहीं बताया। उसकी हालत बिगड़ती देख बड़ी बहन ने पहले नानी को बुलाया और फिर मां को। बच्ची इतना डरी हुई थी कि मां के आने के दो दिन बाद ही वह घटना बता पाई।
अस्पताल में इलाज से इनकार
25 अप्रैल को मां बच्ची को लेकर हल्द्वानी के महिला अस्पताल पहुंची, जहां ओपीडी पर्चा भी बना। लेकिन आरोप है कि डॉक्टर ने बिना पुलिस रिपोर्ट के इलाज से इनकार कर दिया। मजबूरन मां बच्ची को लेकर लौट आई, जहां वह और ज्यादा बिगड़ती चली गई।
19 दिन बाद टूटी चुप्पी, FIR दर्ज
बुधवार 1 मई को मल्लीताल कोतवाली में आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज की गई। आरोपी पर IPC की धारा 65(1), 351(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 3 व 4 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रशासन ने बच्ची और परिवार को कड़ी सुरक्षा में रखा है, और दो काउंसलर नियुक्त किए गए हैं।
प्रशासन की सख्त टिप्पणी
जिलाधिकारी वंदना ने कहा, “अगर बच्ची के इलाज में लापरवाही हुई है, तो ओपीडी पर्चे के आधार पर डॉक्टर को चिह्नित कर उचित कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।