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27 सूत्रीय मांगों पर अड़े डिप्लोमा इंजीनियर, 15 दिन से जारी धरना तकनीकी विभागों का काम ठप, सरकार से वार्ता न होने पर बढ़ा आक्रोश, जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की मांग।
चंपावत/लोहाघाट। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर संगठन द्वारा अपनी 27 सूत्रीय मांगों को लेकर शुरू किया गया धरना-प्रदर्शन आज 15वें दिन में प्रवेश कर गया है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं होने से आंदोलनकारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
हड़ताल का सीधा असर जिले के तकनीकी विभागों पर पड़ा है, जहां कामकाज पूरी तरह ठप हो चुका है। सड़क, सिंचाई, निर्माण समेत तमाम विभागों में विकास कार्य बाधित हो गए हैं, जिससे आम जनता को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
धरना स्थल लोहाघाट में आयोजित सभा में संगठन के जिला अध्यक्ष गोपाल राम कालाकोटी की अध्यक्षता और किशोर राठौर के संचालन में इंजीनियरों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नाराजगी जताई। वक्ताओं ने कहा कि लगातार 15 दिन बीत जाने के बावजूद सरकार के किसी भी प्रतिनिधि ने उनकी मांगों पर बातचीत तक नहीं की, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। आंदोलन में शामिल इंजीनियरों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही वार्ता शुरू नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सभी 12 विभागों के डिप्लोमा इंजीनियर एकजुट होकर पूरी ताकत के साथ आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं। सभा में परमानंद पुनेठा, सचिन पुनेठा, बुद्धि शर्मा, दीपचंद कंडवाल, मनोज कुमार बिष्ट, जितेंद्र कर्नाटक, ललित मोहन भट्ट, अंकित कुमार, गौरव बिष्ट, हरिश्चंद्र, नीरज पुजारी, पंकज राय, पंकज पटवा, कमल भट्ट, सुभाष पांडे, विनीत भट्ट, चेतन मौनी, हयात राम, प्रकाश और प्रमोद खर्कवाल सहित कई इंजीनियरों ने सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की।
आंदोलनकारियों ने सभी जनप्रतिनिधियों से भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए राज्य सरकार पर वार्ता के लिए दबाव बनाने की अपील की है।
फोटो - अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन करते विभिन्न विभागों के डिप्लोमा इंजीनियर।