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साहित्यिक संगोष्ठी में गूंजी कालजयी रचनाकारों की अनुभूतियां, मन्नू भंडारी से विलियम शेक्सपियर तक के साहित्य पर हुआ गंभीर और विचारोत्तेजक विमर्श।
लोहाघाट। संपर्क संस्थान (उत्तराखंड इकाई) के तत्वावधान में आयोजित ऑनलाइन साहित्यिक संगोष्ठी में देशभर के साहित्यप्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कालजयी रचनाकारों की कृतियों पर गहन चर्चा की। कार्यक्रम में राहुल सांकृत्यायन, माखनलाल चतुर्वेदी, अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ सहित अनेक साहित्यकारों की रचनाओं का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया, जिसमें सामाजिक सरोकार, राष्ट्रभावना और मानवीय संवेदनाओं को प्रमुखता से उभारा गया।
संगोष्ठी प्रतियोगिता के रूप में आयोजित की गई, जिसमें डॉ. सुमन पाण्डेय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि ममता महक और मीना जोशी संयुक्त द्वितीय, शैफाली चौहान तृतीय तथा ऋचा जोशी चतुर्थ स्थान पर रहीं। प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से साहित्यिक समझ और रचनात्मकता का प्रभावशाली परिचय दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं निर्णायक डॉ. भगवती पनेरू ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में साहित्य के प्रति रुचि और संवेदनशीलता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ललिता कापड़ी ने की तथा संचालन शशि कुड़ियाल ने किया। अंत में आयोजकों ने इसे साहित्यिक संवाद को नई दिशा देने वाला सफल और सार्थक प्रयास बताया।
फोटो - सुमन पांडेय