🔊
24 अप्रैल तक करें स्व-गणना, 25 अप्रैल से शुरू होगा मकान सूचीकरण।
चम्पावत 18 अप्रैल 2026, सूवि।
जनपद चम्पावत में भारत जनगणना 2027 के सफल आयोजन को लेकर कार्य किए जा रहे हैं, इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने बताया कि भारत सरकार की डिजिटल इंडिया पहल के अंतर्गत जनगणना 2027 को पूर्णतः डिजिटल स्वरूप में संपन्न किया जाएगा, जो इस बार की सबसे प्रमुख विशेषता है।
उन्होंने बताया कि जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं आवास गणना का कार्य उत्तराखंड में 25 अप्रैल 2026 से 24 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा।
इस चरण में भवनों की स्थिति, संरचना तथा उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी एकत्रित की जाएगी। इसके लिए ‘HLO Application’ के माध्यम से डिजिटल डेटा संग्रह किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार स्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है।
इसके अंतर्गत कोई भी नागरिक स्वयं पोर्टल (sc.census.gov.in) पर जाकर अपना विवरण दर्ज कर सकता है। उन्होंने बताया कि 10 अप्रैल 2026 से 24 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना पोर्टल सभी नागरिकों के लिए खुला रहेगा, जिससे लोग निर्धारित समयावधि में अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकें।
जनगणना की प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि यह व्यापक अभियान दो चरणों में संपन्न होगा। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं आवास गणना के माध्यम से आधारभूत ढांचे का विवरण संकलित किया जाएगा, जबकि द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना के अंतर्गत नागरिकों के सामाजिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय आंकड़े एकत्रित किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं, बल्कि यह भविष्य की योजनाओं, संसाधनों के समुचित वितरण तथा विकास नीतियों के निर्धारण का वैज्ञानिक आधार है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी स्व-गणना पूर्ण कर उसका प्रमाण प्रस्तुत करें।
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने समस्त जनपदवासियों, प्रबुद्ध नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाएं। उन्होंने आश्वस्त किया कि नागरिकों द्वारा प्रदान की गई जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय एवं जनकल्याणकारी उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सटीक और विश्वसनीय आंकड़े ही जनपद के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला रखते हैं, इसलिए प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझते हुए स्व-गणना करें तथा फील्ड में कार्यरत प्रगणकों को सही एवं प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराएं।