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महाकाली मंदिर के सौंदर्यीकरण और मानसखंड कार्यों में अनियमितताओं को लेकर राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
गंगोलीहाट। महाकाली मंदिर कमेटी ने अध्यक्ष हरगोविंद रावल के नेतृत्व में उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह को ज्ञापन सौंपकर मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों के लिए विभिन्न मांगें उठाईं। साथ ही मानसखंड मंदिर माला योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों में अनियमितताओं और धीमी प्रगति को लेकर शिकायत दर्ज कराते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में मंदिर परिसर के चारों ओर चारदीवारी निर्माण, मंदिर से मुख्य सड़क तक सीसीटीवी कैमरे लगाने, परिसर में पार्क विकसित कर उसमें मां महाकाली एवं भगवान महादेव की प्रतिमाएं स्थापित करने की मांग की गई। इसके अलावा मुक्तेश्वर और शीतला देवी मंदिर तक जाने वाले मार्ग का निर्माण, मार्ग में प्रकाश व्यवस्था एवं पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने तथा मंदिर के निकट पार्किंग निर्माण की भी मांग उठाई गई।
कमेटी ने मानसखंड मंदिर माला योजना के अंतर्गत हो रहे कार्यों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कार्यदायी संस्था और लोक निर्माण विभाग से कई बार अनुरोध किए जाने के बावजूद डीपीआर में प्रवचन कक्षा और धूनी को शामिल नहीं किया गया। समिति का आरोप है कि सड़क से मंदिर तक लगाए गए पत्थरों का कार्य तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं हुआ, जिससे सौंदर्य प्रभावित हुआ है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि पुरानी नालियों के पत्थर निकालकर नई नालियों का निर्माण किया गया, जबकि सीढ़ियों को मानकों से अधिक ऊंचा बना दिया गया है। इससे बुजुर्गों और बच्चों को मंदिर तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
मंदिर मार्ग के किनारे निर्माणाधीन पार्किंग का कार्य समय पर पूरा न होने पर भी समिति ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं को आए दिन जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन भी प्रभावित हो रहा है।
महाकाली मंदिर कमेटी ने राज्यपाल से मामले का संज्ञान लेते हुए निर्माण कार्यों की जांच कराने तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।