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उत्तराखंड: मां महाकाली मंदिर के सौंदर्यीकरण में लोनिवि पर लापरवाही के गंभीर आरोप, मंदिर समिति ने राज्यपाल से की शिकायत।
गंगोलीहाट ।उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक, गंगोलीहाट स्थित श्री 108 महाकाली मंदिर के सौंदर्यीकरण और 'मंदिर माला मिशन' के तहत हो रहे निर्माण कार्यों में कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग द्वारा भारी लापरवाही और अनियमितता बरतने का मामला सामने आया है। इस संबंध में 'श्री 108 महाकाली मन्दिर समिति (पंजीकृत)' ने सीधे उत्तराखंड के महामहिम राज्यपाल को मांग-पत्र भेजकर मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है।
सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर सामने आए पत्र के अनुसार, मंदिर समिति के अध्यक्ष हरगोविन्द सिंह रावल और सचिव कमल रावल ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षरित इस मांग-पत्र को 7 जून 2026 को जारी किया है।
सौंदर्यीकरण के लिए ये कार्य थे प्रस्तावित:जनहित और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में कई महत्वपूर्ण कार्य होने तय हुए थे, जिनमें शामिल हैं:
* मंदिर परिसर के चारों ओर बाउंड्री वॉल का निर्माण और कंक्रीट-तारबाड़ का काम।
* सुरक्षा के मद्देनजर मुख्य सड़क से मंदिर तक उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाना।
* परिसर में एक पार्क का निर्माण, जिसमें माँ काली और भगवान शिव की भव्य मूर्तियों की स्थापना होनी है।
* प्रसिद्ध मुक्तेश्वर महादेव व शीतला देवी मंदिर (मुख्य मंदिर से पैदल मार्ग) तक पानी, रास्तों और लाइट की मुकम्मल व्यवस्था करना।
* मंदिर के पास पार्किंग स्थल का निर्माण, क्योंकि यहाँ प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।समिति ने आरोप लगाया है कि विभाग के अधिकारियों ने पूर्व में दिए गए आश्वासनों के बावजूद कार्य की डीपीआर में कोई बदलाव नहीं किया और न ही प्रवचन कक्ष व धूनी निर्माण के प्रस्ताव को इसमें शामिल किया। निर्माण कार्यों में निम्नलिखित गंभीर कमियां और वित्तीय अनियमितताएं देखी जा रही हैं:
खराब गुणवत्ता का काम:मुख्य सड़क से मंदिर तक जो पत्थर लगाए जा रहे हैं, उन्हें बिना किसी एक्सपर्ट राजमिस्त्री के गलत ढंग से लगाया जा रहा है।
सिंगल दीवार का निर्माण:नालियों और दीवारों के निर्माण में मानकों की अनदेखी कर सिंगल दीवार बनाई जा रही है। यही नहीं, पुरानी नालियों के पत्थर निकालकर ही नई नालियों में खपाए जा रहे हैं।
अत्यधिक देरी:'मन्दिर माला मिशन योजना' के तहत शुरू हुए इन कार्यों को दो साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन काम कछुआ गति से चल रहा है।
मानकों के विपरीत सीढ़ियां:मुख्य सड़क से मंदिर तक बनाई जा रही सीढ़ियों की हाइट (ऊंचाई) तय मानकों के विपरीत है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को चढ़ने में काफी दिक्कतें आ रही हैं।
पार्किंग निर्माण में अनियमितता: नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत होने वाले पार्किंग निर्माण में भी सालों से शिथिलता बरती जा रही है, जिससे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
मंदिर समिति ने पत्र के अंत में महामहिम राज्यपाल से इस गंभीर विषय का स्वतः संज्ञान लेने और जनहित में इन कार्यों को सही समय पर, सही ढंग और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करवाने हेतु संबंधित उच्चाधिकारियों को सख्त आदेश जारी करने की अपील की है। समिति का कहना है कि यदि समय रहते इन गड़बड़ियों को नहीं सुधारा गया, तो इससे न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग होगा, बल्कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था और सुरक्षा को भी ठेस पहुंचेगी।
राज्यपाल ने मंदिर समिति को आश्वस्त किया कि किसी भी दोषी को किसी प्रकार नहीं बख्शा जाएगा।