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मॉडल जिला चम्पावत की उड़ान से प्रभावित हुईं आयुक्त एवं सचिव रंजना राजगुरु, पिरूल के ब्रिकेटश से लेकर मोटे अनाजों तक, नवाचार और स्वरोजगार की मिसाल बनता जा रहा सीमांत जनपद चम्पावत।
चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की परिकल्पना के अनुरूप विकसित हो रहे मॉडल जिला चम्पावत की बदलती तस्वीर ने उत्तराखंड राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव रंजना राजगुरु को खासा प्रभावित किया। एक दिवसीय भ्रमण के दौरान उन्होंने विकास प्रदर्शनी का अवलोकन कर जिले में हो रहे नवाचारों, स्वरोजगार गतिविधियों और महिला सशक्तिकरण के प्रयासों की सराहना की।
प्रदर्शनी में स्थानीय उद्यमियों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को देखकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की तथा उनके प्रयासों की खुलकर प्रशंसा की। विशेष रूप से जंगलों में आग लगने का मुख्य कारक बड़ी मात्रा में उपलब्ध चीड़ (बिरूल) से तैयार किए जा रहे विभिन्न उत्पादों ने उनका ध्यान आकर्षित किया। घरों की सजावट से जुड़े सामानों के साथ-साथ बिरूल से निर्मित ब्रिकेटश को देखकर उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय रोजगार का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार जंगलों पर बढ़ते दबाव को कम करने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
आयुक्त एवं सचिव ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों में भी विशेष रुचि दिखाई। एपीडी बिम्मी जोशी के नेतृत्व में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की उन्होंने सराहना की। उन्होंने कहा कि चम्पावत की महिलाएं जागरूकता, आत्मनिर्भरता और उद्यमिता के माध्यम से अपनी तकदीर स्वयं लिख रही हैं, जो पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायी है।
मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार ने उन्हें जिले में मोटे अनाजों और कृषि उत्पादों की बढ़ती पैदावार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लाल चावल, मंडुवा, झंगोरा समेत अन्य पौष्टिक फसलों के उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है। इसके सकारात्मक परिणामस्वरूप लोग पुनः कृषि और ग्रामीण आजीविका की ओर लौट रहे हैं। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने आयुक्त एवं सचिव को जनपद में संचालित विभिन्न विकास कार्यों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि उद्यान, डेयरी विकास, मत्स्य पालन, आईसीडीएस सहित अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए "एक पेड़ जननी माँ के नाम" और "एक पेड़ धरती माता के नाम" अभियान भी सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है।
भ्रमण के दौरान श्रीमती राजगुरु ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और अपनी स्मृतियां चम्पावत की धरती पर छोड़ गईं।
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"चम्पावत के नवाचार प्रदेश के अन्य जिलों में भी होंगे लागू" : रंजना राजगुरु।
चम्पावत। आयुक्त एवं सचिव रंजना राजगुरु ने कहा कि मॉडल जिला चम्पावत में राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्य अनुकरणीय हैं। जिलाधिकारी मनीष कुमार और उनकी टीम की कार्यशैली से जिले में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि यहां विकसित किए गए नवाचारों और सफल मॉडलों का अध्ययन कर उन्हें प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं चम्पावत में धरातल पर प्रभावी रूप से उतरती दिखाई दे रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप यह जिला कई क्षेत्रों में प्रदेश में अग्रणी बनता जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी के.एन. गोस्वामी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
फोटो विकास प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए आयुक्त एवं सचिव रंजना राजगुरु। साथ में जिलाधिकारी मनीष कुमार एवं मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार कृषि उत्पादों और नवाचारों की जानकारी देते हुए।
फोटो "एक पेड़ जननी माँ के नाम" अभियान के तहत पौधरोपण करतीं आयुक्त एवं सचिव रंजना राजगुरु, साथ में जिलाधिकारी मनीष कुमार एवं अन्य अधिकारी।