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स्थायी निवास प्रमाण पत्र नहीं बनने से योजनाओं से वंचित हो रहे पात्र परिवार।
गंगोलीहाट। विकासखंड बेरीनाग के कई पात्र परिवार वर्षों से स्थायी निवास प्रमाण पत्र नहीं बनने के कारण सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर मंगलवार को गणाई-गंगोली तहसील में आयोजित तहसील दिवस के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता विजय चंद्रा ने उपजिलाधिकारी के समक्ष मामला उठाते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।
अधिवक्ता विजय चंद्रा ने बताया कि बेरीनाग क्षेत्र में कई परिवार पिछले 30 से 40 वर्षों से निवास कर रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें स्थायी निवास प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार के शासनादेश के अनुसार किसी क्षेत्र में न्यूनतम 15 वर्ष तक निवास करने वाले व्यक्ति को स्थायी निवास प्रमाण पत्र जारी किया जा सकता है। इसके बावजूद पात्र लोगों को प्रमाण पत्र से वंचित रखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि स्थायी निवास प्रमाण पत्र नहीं होने के कारण क्षेत्र के शिक्षित युवा सरकारी एवं अर्द्धसरकारी नौकरियों के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा शिक्षा, छात्रवृत्ति और सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी उन्हें नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
तहसील दिवस में अधिवक्ता विजय चंद्रा ने उपजिलाधिकारी अंकित राज से मामले में शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करते हुए पात्र परिवारों के स्थायी निवास प्रमाण पत्र जारी कराने की मांग की, ताकि उन्हें शासन की योजनाओं और रोजगार के अवसरों का लाभ मिल सके।