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जल संरक्षण केवल विकल्प नहीं, आवश्यकता है, वर्षा का जल जब भी गिरे, जहाँ भी गिरे, उसे वहीं संरक्षित करें ;जिलाधिकारी श्री नवनीत पांडे
चंपावत, 02 जून 2025
वर्षा का जल जब भी गिरे, जहाँ भी गिरे, उसे वहीं संरक्षित करें—जिलाधिकारी श्री नवनीत पांडे ने आज जल संरक्षण की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए यह संदेश दिया।
जल संरक्षण अभियान 2025 के अंतर्गत स्प्रिंग एंड रिवर रीजुवनेशन अथॉरिटी (SARRA) के तत्वावधान में जिला सभागार में जल उत्सव पखवाड़ा (1 से 15 जून) के तहत जनपद स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का शुभारंभ माननीय मुख्यमंत्री अनुसचिव श्री सुभाष चंद्रा द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री नवनीत पांडे ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की यह एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण, पुनर्भरण और पुनर्जीवन सुनिश्चित करना है।
उन्होंने बताया कि जनपद में 98 महत्वपूर्ण जल स्रोतों की पहचान की गई है, जिनका शीघ्र पुनर्जीवन किया जाएगा। उन्होंने कहा, यह केवल जल संरक्षण की बात नहीं है, बल्कि स्वच्छता भी उतनी ही आवश्यक है। अभियान की सफलता तभी संभव है जब इसमें विभागीय समन्वय और जनभागीदारी हो।
मुख्य बिंदु:
जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने पर बल।
SARRA के नोडल अधिकारी श्री धनपत कुमार ने बताया कि जनपद के चारों ब्लॉकों के ग्राम प्रधानों को ‘भगीरथ ऐप’ के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जल उत्सव पखवाड़े में श्रमदान, स्वच्छता अभियान, तालाबों का पुनर्जीवन, सोखते गड्ढों का निर्माण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
गौड़ी नदी व कोलीढेक झील में विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा।
नौला फाउंडेशन के राज्य संस्थापक श्री गिरधर बिष्ट ने कहा कि "उत्तराखंड की परंपरागत जल धरोहर—पहाड़, पानी और परंपरा को पुनर्जीवित करना नितांत आवश्यक है।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्री गोविंद सामंत, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. देवेश चौहान, सीईओ श्री कमलेश सिंह बिष्ट सहित जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी, ग्राम प्रधान और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।