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चम्पावत में विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियां तेज, 23 अक्टूबर से ईवीएम-वीवीपैट की जांच शुरू
कलक्ट्रेट परिसर में सुबह 9 से शाम 7 बजे तक चलेगी प्रक्रिया, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी बन सकेंगे साक्षी
चम्पावत। उत्तराखंड विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत जनपद में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) 23 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। यह प्रक्रिया कलक्ट्रेट परिसर स्थित ईवीएम एवं वीवीपैट वेयरहाउस में इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) के अधिकृत इंजीनियरों द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी की देखरेख में संपन्न कराई जाएगी।
भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार जांच प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी। यह प्रक्रिया पूरी होने तक रविवार और अन्य सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी जारी रहेगी।
निर्वाचन में केवल प्रमाणित मशीनों का होगा इस्तेमाल
प्रत्येक सामान्य और उप निर्वाचन से पहले ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच अनिवार्य होती है। निर्वाचन में केवल एफएलसी के दौरान जांच में प्रमाणित मशीनों का ही उपयोग किया जाता है। इस प्रक्रिया की निगरानी जिला निर्वाचन अधिकारी के साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड और भारत निर्वाचन आयोग के स्तर से भी की जाती है।
राजनीतिक दलों से प्रतिनिधि अधिकृत करने की अपील
जिला निर्वाचन प्रशासन की ओर से मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों से एफएलसी प्रक्रिया में सहभागिता के लिए प्रतिनिधि अधिकृत करने का अनुरोध किया गया है। इस संबंध में 16 अक्टूबर को आयोजित बैठक और पत्र के माध्यम से जानकारी दी जा चुकी है। संबंधित दलों के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों को भी सूचना भेजी गई है।
प्रशासन ने राजनीतिक दलों से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अपने अधिकृत प्रतिनिधियों को भेजकर जांच प्रक्रिया का साक्षी बनने और निर्वाचन संबंधी इस महत्वपूर्ण कार्य में सहयोग करने की अपील की है।
ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच से संबंधित विस्तृत जानकारी भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है: [https://www.eci.gov.in/evm-vvpat](https://www.eci.gov.in/evm-vvpat?utm_source=chatgpt.com)