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एबट माउंट का रहस्यमयी हॉन्टेड अस्पताल, जहां नहीं जा पा रहे पर्यटक, मायूस लौट रहे सैलानी
चंपावत (उत्तराखंड): चंपावत की हसीन वादियों में बसा एबट माउंट इन दिनों पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, लेकिन यहां पहुंचने वाले सैलानी उस समय मायूस हो जाते हैं जब उन्हें एबट माउंट अस्पताल के अंदर जाने की अनुमति नहीं मिलती। यह भवन अब निजी संपत्ति घोषित है, जहां आम लोगों का प्रवेश वर्जित है।
हॉरर टूरिज्म का प्रतीक बन चुका है यह अस्पताल
यह वही रहस्यमयी अस्पताल है, जिसे ब्रिटिश काल में डॉ डेथ कहे जाने वाले डॉ मौरिस ने चलाया था। स्थानीय लोगों की मानें तो यह अस्पताल पहले एक बंगला था, जिसे बाद में अस्पताल का रूप दिया गया। इसके पास ही बनी थी मुक्ति कोठी, जहां कथित तौर पर मरीजों को अंतिम समय में भेजा जाता था।
डॉ मौरिस और मौत की भविष्यवाणी
कहा जाता है कि डॉ मौरिस अपने इलाज में माहिर थे, असाध्य रोगों का भी इलाज कर देते थे, लेकिन साथ ही वे किसी की नाड़ी देखकर उसकी मृत्यु का समय भी बता देते थे। जिसे वे मुक्ति कोठी भेजते, उसकी अगली सुबह मौत हो जाती थी। इसी वजह से इस अस्पताल के चारों ओर रहस्य और डर का माहौल बना हुआ है।
पर्यटक नहीं कर पा रहे अंदरूनी दर्शन
यह अस्पताल अब प्राइवेट प्रॉपर्टी है और इसे भीतर से देखने की मनाही है। यही कारण है कि सैकड़ों पर्यटक जो इसकी भुतहा कहानियों और रहस्यमयी आभा से खिंचे चले आते हैं, उन्हें दरवाजे से ही लौटना पड़ता है। पर्यटकों की मांग है कि सरकार इसे पर्यटन की दृष्टि से विकसित करे या एक नियंत्रित व सीमित तरीके से विजिट की अनुमति दे।
स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने की जरूरत
स्थानीय लोग और गाइड मानते हैं कि यदि सरकार की ओर से उचित सुरक्षा और गाइड व्यवस्था के साथ इस जगह को हॉरर टूरिज्म के रूप में विकसित किया जाए, तो यह चंपावत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ पहुंचा सकता है।
नोट: इस अस्पताल और इससे जुड़ी कथाएं ऐतिहासिक लोक-कथाओं और जनश्रुतियों पर आधारित हैं। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इनकी पुष्टि नहीं की गई है, परंतु यह स्थान आज भी रहस्य और रोमांच के दीवानों के लिए एक खास आकर्षण बना हुआ है।