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अब युवाओं को तकनीकी रूप से तराश कर मिलेंगे रोजगार सेतु आयोग ने उद्योगों से समझौता शुरू किया : राजशेखर जोशी
चंपावत, 22 जून 2025।
उत्तराखंड के युवाओं के लिए एक नई उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है। राज्य में लंबे समय से बेरोजगारी का दंश झेल रहे युवाओं को अब औद्योगिक घरानों में तकनीकी प्रशिक्षण के बाद सीधा रोजगार मिलने का रास्ता खुल रहा है। यह सब संभव हो पाया है स्टेट इंस्टीट्यूट फॉर एंपावरिंग एंड ट्रांसफॉर्मिंग उत्तराखंड यानी सेतु आयोग के प्रयासों से, जिसके उपाध्यक्ष हैं वरिष्ठ कॉरपोरेट विशेषज्ञ राजशेखर जोशी।
राजशेखर जोशी के नेतृत्व में सेतु आयोग ने कई औद्योगिक घरानों के साथ आपसी करार की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पहल का उद्देश्य है युवाओं को उद्योगों की आवश्यकता के अनुसार प्रशिक्षित कर सीधे रोजगार से जोड़ना।
श्री जोशी ने बताया कि पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे अवसरों को देखते हुए प्रतिष्ठित ताज होटल समूह ने कुमाऊं विश्वविद्यालय में गेस्ट टूरिज्म प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने पर सहमति जताई है। प्रशिक्षित युवाओं को बाद में ताज समूह द्वारा ही रोजगार दिया जाएगा। इस आशय का करार पहले ही किया जा चुका है।
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को अब पारंपरिक स्वरूप से हटाकर उद्योगों की मांग के अनुरूप तकनीकी शिक्षा का केंद्र बनाया जा रहा है। श्री जोशी के अनुसार, टाटा मोटर्स, हीरो मोटर्स और महिंद्रा समूह जैसे दिग्गज औद्योगिक घराने इस योजना में भागीदार बन चुके हैं। टाटा मोटर्स आगामी सत्र से अपने संस्थानों में उत्तराखंड के युवाओं को प्रशिक्षण देकर स्थायी रोजगार प्रदान करेगा।
शुरुआत में 1000 युवाओं को इस विशेष योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण दिया जाएगा। जोशी ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की परिकल्पना के अनुरूप जब तक राज्य के युवा तकनीकी रूप से दक्ष नहीं होंगे, तब तक विकास का लाभ सीधे उन तक नहीं पहुंच पाएगा। सेतु आयोग इसी दिशा में राज्य की युवा शक्ति को अवसरों से जोड़ने में एक सशक्त सेतु का कार्य कर रहा है।
फोटो: राजशेखर जोशी
रिपोर्ट: चम्पावत न्यूज़