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सिडको संस्था ने की 1300 युवाओं से लाखों की ठगी, पुलिस और प्रशासन सतर्क, मुख्यमंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
देहरादून, 29 जून 2025 | विशेष संवाददाता
उत्तराखंड में युवाओं के साथ एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। सिडको नामक एक कथित गैर-सरकारी संस्था ने स्वरोजगार और प्रशिक्षण के नाम पर राज्य के विभिन्न जिलों के 1300 से अधिक युवाओं से ₹6100 से 8500 प्रति व्यक्ति की ठगी की है, कुछ दलालों के द्वारा 6500 से 50000 की वसूली की शिकायत भी आते रही है
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?
सूत्रों के अनुसार, संस्था का पहले कार्यालय देहरादून के सहस्रधारा रोड पर स्थित था। दिसंबर 2024 में पुलिस द्वारा पूछताछ के बाद इसका कार्यालय अजबपुर में शिफ्ट कर दिया गया। यहां से यह संस्था बीते छह महीनों से ठगी का काम कर रही थी।
संस्था ने अपनी वेबसाइट को इस तरह डिज़ाइन किया था कि वह सरकारी वेबसाइट जैसी प्रतीत हो, जिसमें स्वच्छ भारत मिशन, स्टार्टअप इंडिया, और अन्य योजनाओं का ज़िक्र हूबहू सरकारी फॉर्मेट में किया गया। युवाओं को नौकरी और प्रशिक्षण का झांसा देकर रजिस्ट्रेशन कराया गया और उनसे ₹6100 से 50000 तक वसूले गए।
भर्ती प्रक्रिया भी थी फर्जी
संस्था द्वारा प्रबंधक से लेकर कार्यालय सहायक तक के पदों के लिए फर्जी भर्तियां निकाली गईं। उम्मीदवारों को वेबसाइट पर विवरण भरने के बाद इंटरव्यू कॉल भेजे गए। देहरादून में कार्यालय होने के बावजूद यहां के लिए कोई भर्ती नहीं निकाली गई ताकि शक न हो।
हरिद्वार, पौड़ी, चंपावत, पिथौरागढ़, टिहरी जैसे पहाड़ी जिलों के युवाओं को निशाना बनाया गया।
पुलिस की जांच में क्या सामने आया?
संस्था के कार्यालय से महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री जब्त की गई।
संस्था के सभी बैंक खाते और अकाउंटेंट के निजी खातों को फ्रीज कराया गया है।
संस्था ने यूपीआई और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से भी लेनदेन किया था, जिसकी जानकारी मांगी गई है।
अब तक 1100 से अधिक पीड़ित युवाओं की पहचान हो चुकी है।
संस्था बिहार निवासी तीन व्यक्तियों के नाम पर पंजीकृत है।
SSP अजय सिंह का बयान:
यह एक संगठित फर्जीवाड़ा है जिसमें युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया गया है। पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर नेहरू कॉलोनी थाने में एफआईआर दर्ज की है और कई टीमों को जांच में लगाया गया है।