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अजब-गजब खबर: वन विभाग ने 4,608 रुपये में रोपा एक पौधा, कुल खर्च 48.85 लाख
हल्द्वानी (उत्तराखंड), जुलाई 2025।
बरेली रोड पर हाईवे किनारे हरियाली बढ़ाने के नाम पर वन विभाग ने एक पौधे की कीमत इतनी दिखा दी कि लोग हैरान रह गए। विभाग के मुताबिक, 1,060 पौधे लगाने में कुल 48,85,200 रुपये खर्च हुए, यानी प्रत्येक पौधे पर लगभग 4,608 रुपये की लागत आई।
यह खुलासा उत्तराखंड हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान सामने आया। हल्द्वानी निवासी हिशांत आही द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि वर्ष 2024 में सड़क चौड़ीकरण के दौरान पेड़ काटे गए, लेकिन इसके बदले क्षतिपूरक वनीकरण नहीं किया गया।
इस पर न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी ने जनवरी 2025 में क्षतिपूरक पौधरोपण का आदेश दिया। जवाब में वन विभाग ने शपथपत्र दाखिल कर बताया कि 8,301 मीटर लंबी सड़क के किनारे 1,060 पौधे लगाए गए, जिसमें कुल खर्च 48.85 लाख रुपये आया।
हालांकि अब विभाग का दावा है कि खर्च इसलिए अधिक आया क्योंकि पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड बनाए गए, जिससे लागत बढ़ गई।
वन क्षेत्राधिकारी उमेश चंद्र तिवारी ने कहा –
पौधरोपण तय नियमों और दरों के अनुसार किया गया है। बरेली रोड पर किए गए क्षतिपूरक वनीकरण में ट्री गार्ड का खर्च शामिल है, इसलिए लागत अधिक आई।
जनता में सवाल:
इस खुलासे के बाद आम लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में कई सवाल उठने लगे हैं -
क्या वाकई एक पौधे की कीमत 4,600 रुपये तक पहुंचनी चाहिए?
टेंडर प्रक्रिया कितनी पारदर्शी रही?
क्या पौधों का रखरखाव भी इस बजट में शामिल है?
अब देखना होगा कि अदालत इस खर्च पर क्या टिप्पणी करती है और क्या विभाग को खर्च का और ब्योरा देना पड़ेगा।
आपका क्या कहना है? क्या वाकई एक पौधे की कीमत हजारों में हो सकती है?