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परमाणु युग में पाषाण युद्ध की परंपरा जीवित: देवीधुरा का ऐतिहासिक बग्वाल मेला 5 से 16 अगस्त तक, 9 अगस्त को होगा मुख्य आयोजन
देवीधुरा (चंपावत), 08 जुलाई 2025
परमाणु युग में भी पाषाण युद्ध की अनोखी परंपरा को जीवित रखे देवीधुरा का बग्वाल मेला इस वर्ष 5 से 16 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा। मेले का मुख्य आकर्षण बग्वाल 9 अगस्त को होगा, जिसमें चार खामों के वीर परंपरागत शैली में प्रतिभाग करेंगे।
जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में आज बाराहीधाम मंदिर परिसर में चार खाम, सात थोक, मंदिर कमेटी तथा जिला प्रशासन की संयुक्त बैठक में मेले की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया। इस दौरान आगामी बग्वाल मेले को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के संकल्प के साथ तैयारियां तेज़ करने का निर्णय लिया गया।
मेला क्षेत्र का होगा विस्तार
इस बार मेला क्षेत्र को केदारनाथ से कनवाड़ बैंड तक लगभग 8 किमी तक विस्तारित किया जाएगा, जिसे रंग-बिरंगी विद्युत सज्जा से रोशन किया जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से CCTV निगरानी, LED स्क्रीन (पिछले वर्ष से दोगुनी संख्या), और व्यापक पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
आगंतुकों को मिलेगा मेहमान जैसा स्वागत
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि मेले में आने वाले हर श्रद्धालु का मेहमान के रूप में स्वागत किया जाएगा। उन्होंने कहा, मां बाराही ने मुझे इस भूमि की सेवा के लिए चुना है, यह मेरे लिए सौभाग्य है।
उन्होंने चार खामों के लोगों को उनके परंपरा-निष्ठ योगदान के लिए बधाई दी और मेले को एक नई ऊंचाई तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।
सख्त सुरक्षा और यातायात प्रबंधन
पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने कहा कि इस बार यातायात की सुगम व्यवस्था के लिए विशेष प्लान तैयार किया जा रहा है। सभी दुकानदारों को नाम स्पष्ट रूप से अंकित करना अनिवार्य होगा और चरित्र सत्यापन के बाद ही प्रवेश मिलेगा।
बग्वाल प्रतिभागियों के लिए ड्रेस कोड व आईडी अनिवार्य
चारों खाम – गहड़वाल, चम्याल, वालिक, लमगड़िया – के प्रतिभागियों को ड्रेस कोड व पहचान पत्र पहनना अनिवार्य किया गया है। मंदिर कमेटी के संरक्षक लक्ष्मण सिंह लमगड़िया व अध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने सभी का आभार व्यक्त किया और कहा कि मेले के प्रति बढ़ती देशव्यापी रुचि से हमारी ज़िम्मेदारी भी बढ़ी है।
बैठक में शामिल प्रमुख लोग
बैठक में पीठाचार्य कीर्ति शास्त्री के संचालन में लगभग तीन घंटे तक चर्चा हुई। इस दौरान चारों खामों के प्रतिनिधि – त्रिलोक सिंह बिष्ट, गंगा सिंह चम्याल, बद्री सिंह बिष्ट, वीरेंद्र लमगड़िया – के साथ कमेटी सदस्य – चेतन भईया, चंदन बिष्ट, हयात सिंह, विशन चम्याल, दीपक चम्याल आदि मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति प्रस्तावित है।
फोटो कैप्शन
जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक का स्वागत करते मंदिर कमेटी के संरक्षक व अध्यक्ष; बैठक में उपस्थित खाम प्रतिनिधि व अधिकारीगण
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