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चंपावत जिला पंचायत चुनाव में बड़ा मोड़: दो उम्मीदवारों के नामांकन रद्द, चुनावी समीकरण बदले
चंपावत (उत्तराखंड), 10 जुलाई 2025
चंपावत जिला पंचायत चुनाव में उस समय बड़ा मोड़ आ गया जब दो प्रमुख उम्मीदवारों के नामांकन पत्र अमान्य घोषित कर दिए गए। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक सार्वजनिक रूप से नामों की पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष कमल रावत और किरन देवी के नामांकन रद्द कर दिए गए हैं।
कमल रावत ने लगाए सियासी साजिश के आरोप
नामांकन निरस्त होने के बाद कमल रावत ने इसे सत्तारूढ़ दल की साजिश करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के भीतर गुटबाजी और दबाव की राजनीति के चलते मेरा नामांकन रद्द करवाया गया है। अधिकारी सत्ता पक्ष के दबाव में काम कर रहे हैं। मैं हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाऊंगा।
वहीं, किरन देवी की ओर से अब तक कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।
अब मैदान में 63 उम्मीदवार
जिला निर्वाचन अधिकारी (रिटर्निंग ऑफिसर) की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, कुल 65 नामांकन पत्रों में से दो अमान्य पाए गए हैं। अब शेष 63 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। हालांकि, नाम वापसी की अंतिम तिथि तक वास्तविक उम्मीदवारों की संख्या में बदलाव संभव है।
सूचना देने में चुप्पी से पारदर्शिता पर सवाल
सूचना विभाग को देर रात नामांकन रद्द किए जाने की जानकारी दी गई, लेकिन मीडिया के कई बार प्रयासों के बावजूद रिटर्निंग ऑफिसर ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी। इस चुप्पी को लेकर चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
नामांकन निरस्त होने के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस नेता सुनील शर्मा ने कहा कि भाजपा अपनी ही पार्टी के विरोधियों को चुनाव से बाहर करने की साजिश रच रही है। जवाब में भाजपा प्रवक्ता ने आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि जिन उम्मीदवारों ने नामांकन के नियमों का पालन नहीं किया, उनका निरस्तीकरण प्रक्रिया का हिस्सा है।
हाई कोर्ट की ओर बढ़ते कदम
इस घटनाक्रम से नाराज उम्मीदवार अब न्यायालय का रुख कर रहे हैं। कमल रावत ने साफ कर दिया है कि वे हाई कोर्ट में याचिका दायर करेंगे, ताकि न्याय मिल सके और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप पर रोक लगे।
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