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हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: दोहरी मतदाता सूची में नाम वाले प्रत्याशी पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे, परन्तु आयोग के अधिवक्ता संजय भट्ट के अनुसार -यह आदेश भविष्य के चुनावों में लागू होगा वर्तमान चुनाव प्रभावित नहीं होंगे
नैनीताल 11 जुलाई 2025
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिन प्रत्याशियों के नाम नगर निकाय और ग्राम पंचायत दोनों की मतदाता सूचियों में दर्ज हैं वे पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकते। कोर्ट ने इसे पंचायत राज अधिनियम के विरुद्ध बताया है और कहा है कि यह नियमों का उल्लंघन है।
मुख्य न्यायाधीश जी नरेंदर और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्णय दिया। याचिकाकर्ता शक्ति सिंह बर्त्वाल ने दलील दी थी कि हरिद्वार को छोड़कर राज्य के अन्य जिलों में ऐसे अनेक प्रत्याशी हैं जिनके नाम दोनों सूचियों में दर्ज हैं लेकिन रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा इन पर अलग-अलग निर्णय लिए गए हैं। कहीं नामांकन स्वीकृत हुए तो कहीं निरस्त।
हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वह वर्तमान चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करेगा क्योंकि नामांकन प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। हालांकि यह आदेश आगामी चुनावों में पूरी तरह प्रभावी रहेगा।
कोर्ट का निर्देश
दोहरी मतदाता सूची में नाम वाले उम्मीदवार पंचायत चुनाव के लिए अयोग्य माने जाएंगे
यदि ऐसे उम्मीदवारों को चुनाव में अनुमति दी जाती है तो यह अवमानना की श्रेणी में आएगा
आयोग को आदेश की प्रति मिलने के बाद विधिक पहलुओं पर विचार करना होगा
दावे और भ्रम बरकरार
कोर्ट के निर्णय के बावजूद उम्मीदवारों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। सरकार और याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं की व्याख्या भिन्न-भिन्न है।
आयोग के अधिवक्ता संजय भट्ट के अनुसार – यह आदेश भविष्य के चुनावों में लागू होगा वर्तमान चुनाव प्रभावित नहीं होंगे
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिजय नेगी ने कहा – यह आदेश स्पष्ट रूप से दोहरी मतदाता सूची वाले प्रत्याशियों को अयोग्य घोषित करता है इसका पालन अनिवार्य है
अब सभी की नजरें राज्य निर्वाचन आयोग के स्पष्टीकरण और आगामी कार्यवाही पर टिकी हैं।
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